मंदिर में घंटा क्यों बजाया जाता है?

हम सभी मंदिर जाते हैं और भगवान ने अपनी आस्था को मंदिर जाकर प्रबलता देते हैं। लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि मंदिर में लगा घंटा हम क्यों बजाते हैं? शायद नहीं! तो आज हम आपको बताने जा रहे हैं की मंदिर में घंटा क्यों बजाया जाता है। दरअसल यह प्रथा कई वर्षों से चली आ रही है और हम सभी इस को बिना जाने अनुसरण किए जा रहे हैं। कई लोग यह मानते हैं की मंदिर में घंटा बजाने से भगवान प्रसन्न होते हैं लेकिन यह उनकी अपनी राय हो सकती है।

Today's Deals on Amazon

अगर आप इसे एक अंधविश्वास समझ रहे हैं तो शायद यह आपकी बहुत बड़ी भूल हो क्योंकि मंदिर में घंटा बजाने के पीछे एक साइंटिफिक कारण भी है। मंदिर में घंटा बजाने से उत्पन्न होने वाली ध्वनि से दिमाग को जो वाइब्रेशन मिलती है उसे ध्यान लगाने में आसानी होती है। इसी वजह से मंदिर में घंटा लगाया जाता है।

पुराने समय में ऋषि मुनि इसी प्रकार भगवान की आस्था में विलीन रहते थे और कई वर्षों तक तप में लगे रहते थे उस समय की यह तकनीक शायद कोई जानता ना हो मगर आज भी घंटा बजाने से मंदिर में इस साइंटिफिक कारण को ना जानने वाले भी इससे लाभांवित होते हैं। उन्हें भी मन की शांति का अनुभव होता है।

हम आशा करते हैं आपको यह जानकारी लाभकारी लगी होगी इस पोस्ट को अपने मित्रों के साथ अवश्य शेयर करें और अगली बार जब मंदिर जाएं तो घंटा अवश्य बजाएं क्योंकि यह आपके धर्म के लिए ही नहीं आपके स्वास्थ्य के लिए भी बहुत लाभकारी है।

“भारत के 10 सबसे प्रसिद्ध और प्राचीन मंदिर”