कोहिनूर दुनिया में क्यों मशहूर है?

भारत की धरोहर रहे कोहिनूर को फिर से भारत लाने के प्रयास तेज़ हुए हैं। ऐसे में ये जानना रोचक होगा कि कोहिनूर आज कहाँ है और क्या है इसका इतिहास। तो चलिए, आज आपको बताते हैं कोहिनूर के इस फ़साने के बारे में। कोहिनूर का अर्थ होता है रोशनी का पहाड़। कोहिनूर दुनिया में सबसे मशहूर हीरा है लेकिन फिर भी आज तक इसकी कीमत नहीं लगायी गयी है। कोहिनूर अपने मूल रूप में ये हीरा 793 कैरेट का था और इसे दुनिया का सबसे बड़ा हीरा माना जाता था लेकिन अब ये केवल 105.6 कैरेट का रह गया है और इसका वजन 21.6 ग्राम है।

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कोहिनूर एक लम्बा सफर तय करते हुए ब्रिटेन पहुंचा और आज ब्रिटेन के राजपरिवार की शोभा बढ़ा रहा है। कोहिनूर हीरा भले ही रोशनी का पहाड़ कहा जाता हो लेकिन ये हीरा जिसके भी पास गया उसका साम्राज्य और वंश समाप्त होता चला गया। कहा जाता है कि कोहिनूर हीरे को ब्रिटेन की महारानी ही धारण करती है इसके पीछे यही कारण है कि पुरुषों द्वारा इसे पहनने पर उनके वंश का विनाश तय है।

माना जाता है कि कोहिनूर आंध्रप्रदेश की खदानों में निकला था। इस  हीरे का ज़िक्र सबसे पहले बाबर की आत्मकथा बाबरनामा में मिलता है जिसमें बाबर ने बताया था कि उनके बेटे हुमायूँ ने उन्हें ये बेशकीमती हीरा भेंट किया था और हुमायूँ को ये कोहिनूर ग्वालियर के राजा ने भेंट स्वरुप दिया था।

आगे चलकर बाबर के पड़पोते शाहजहां ने अपने लिए आलिशान तख़्त बनवाया जिसका नाम था ‘मयूर सिंहासन’ जिसमें कोहिनूर को भी मढ़ दिया गया।

1739 ईस्वी में फारस से आए नादिरशाह ने दिल्ली पर आक्रमण कर मुग़ल सल्तनत का पतन कर दिया और इस हीरे को अपने साथ ले गया। नादिरशाह ने ही इस हीरे को कोह-इ-नूर नाम दिया था यानी रोशनी का पहाड़।

नादिरशाह की हत्या के बाद ये हीरा अफगानिस्तान के शहंशाह अहमद शाह दुर्रानी के पास पहुंचा। अहमद शाह दुर्रानी का बेटा शाह शुजा जब सिखों की हिरासत में आया तो रणजीत सिंह ने शाह शुजा से कोहिनूर अपने नाम करवा लिया।

उसके बाद सिखों को हराकर अंग्रेजों ने कोहिनूर हीरा अपने कब्जे में ले लिया और लन्दन जाकर ईस्ट इंडिया कंपनी के डायरेक्टर्स को भेंट कर दिया। बेशकीमती हीरे को रानी विक्टोरिया को भेंट कर दिया गया और उन्होंने इसे अपने ताज में जड़वा लिया। तब से आज तक कोहिनूर को ब्रिटेन राजघराने की महारानी ही अपने ताज में पहना करती हैं।

दोस्तों, कोहिनूर हीरे की चमक और इसके इतिहास को जानकर आप समझ ही गए होंगे कि ये हीरा कितनी सल्तनतों का साम्राज्य देख चुका है और कितने वंशों का अंत इसके सामने हुआ है। ये कहना मुश्किल है कि किसी भी साम्राज्य के पतन का कारण कोहिनूर था या नहीं, लेकिन ये जानना रुचिकर होगा कि आने वाले समय में कोहिनूर भारत वापिस आएगा या नहीं। उम्मीद है कि ये रोचक जानकारी आपको पसंद आयी होगी।

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