आदतें जो धीरे-धीरे ले जा रही है मृत्यु की ओर

0

आज की इस भागती दौड़ती जिंदगी में हर व्यक्ति कुछ ना कुछ ऐसा कर रहा है जो उसको मृत्यु की ओर ले कर जा रहा है। इन सभी चीजों के कारण हम बहुत तेजी से वृद्धावस्था की ओर बढ़ते चले जा रहे हैं। आज हम आपको कुछ ऐसे ही आदतों के बारे में बताएंगे जिनकी वजह से इंसान जल्दी से जल्दी वृद्ध हो रहा है और मृत्यु के अधिक से अधिक नजदीक जाता जा रहा है।

मायो क्लिनिक एरीजोना के डॉक्टर जेम्स लेविन के अनुसार अगर आप एक दिन में 8 घंटे से ज्यादा बैठते हैं और सिगरेट का सेवन करते हैं तो यह प्रक्रिया आपको आपकी मृत्यु के 50% और नजदीक ले जाएगी। इस प्रक्रिया के कारण आप अल्प आयु में ही गंभीर रोगों से ग्रस्त हो सकते हैं यह प्रक्रिया एचआईवी एड्स से भी ज्यादा खतरनाक है।

आदतें जो धीरे-धीरे ले जा रही है मृत्यु की ओर 1

अत्यधिक देर तक बैठे रहने से आपके शरीर पर बेहद ही गंभीर प्रभाव पड़ते हैं। जिनके कारण आपको दिल का दौरा, पैरालिसिस, सांस लेने में तकलीफ और अन्य प्रकार के पेट संबंधी रोग हो सकते हैं। इसीलिए हर व्यक्ति को अत्यधिक देर तक बैठे रहने से बचना चाहिए और इसके अलावा अगर आप धूम्रपान करते हैं तो यह आपके जीवन को और ज्यादा दुखमयी बना देगा।

आज के समय में अधिकतर नौकरियां बैठे रहने की नौकरियां हैं जिसमें व्यक्ति घंटो तक बिना कुछ मूवमेंट किए बैठा रहता है जिस वजह से शरीर एक ही प्रकार की आकृति में ढल जाता है और अंगों की कार्य क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है। इस वजह से व्यक्ति को जटिलतम बीमारियों का सामना करना पड़ता है।

अगर आप एक स्वस्थ जीवन जीना चाहते हैं तो कभी भी खुद से यह झूठ न बोले कि सिगरेट पीने से स्वास्थ्य को कोई हानी नहीं होती। इसी के समानांतर अगर आप काफी देर तक बैठे रहते हैं तो भी आपको उतना ही नुकसान होगा। इसीलिए हर एक से 2 घंटे बाद 10 से 15 मिनट का ब्रेक लें जिससे आपका शरीर पूर्ण रूप से क्रियान्वित रह सके।

इसके अलावा योगा और अपने खाने की आदतों पर पूर्ण रुप से पैनी निगाह रखें। आप कई प्रकार की स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज कर सकते हैं जिनसे आपका शरीर एक व्यवस्थित और स्वस्थ आकार में रहेगा।

उम्मीद है जागरूक पर आदतें जो धीरे-धीरे ले जा रही है मृत्यु की ओर कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी।

नकारात्मक सोच से छुटकारा कैसे पाएं?

जागरूक यूट्यूब चैनल

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here