समय का सही उपयोग कैसे करें – कुशल समय प्रबंधक

बेंजामिन फ्रैंकलिन ने कहा है – ‘आप विलम्ब कर सकते हैं लेकिन समय नहीं करेगा’ … सच ही तो है, समय हमेशा अपनी एक सी रफ़्तार से ही चलता है लेकिन हम हर बार उसकी रफ़्तार के साथ कदम मिलाकर नहीं चल पाते और अपने जीवन को अव्यवस्थित कर लेते हैं। हम सभी के पास एक समान समय होता है यानि हर दिन के 24 घंटे। इन्हीं 24 घंटों का इस्तेमाल करके लोग महान भी बनते हैं और इसी समय को व्यर्थ गवांकर लोग असफल भी होते हैं। समय सभी के पास समान होता है लेकिन सफल वही होता है जिसे समय का सही उपयोग करना आता हो वरना पूरा जीवन ये कहने में ही गुज़र जाता है कि समय ही नहीं मिला। ऐसे में ये जानना जरुरी है कि एक कुशल समय प्रबंधक कैसे बना जा सकता है। तो चलिए, आज हम आपको बताते हैं कि समय का सही उपयोग कैसे करें –

समय का निर्धारण करें – प्रत्येक कार्य को करने का समय निश्चित कर ले और प्रयास करें कि हर काम अपने निर्धारित समय पर ही पूरा हो जाए। शुरुआत में आपको थोड़ी मुश्किल आ सकती है लेकिन नियमित अभ्यास करने पर आप अपने हर काम को नियत समय पर पूरा करने में सफल होने लगेंगे।

महत्वपूर्ण कार्य सबसे पहले करें – अक्सर दिन के ढेरों कार्यों में से कम महत्व के कार्य पूर्ण करने में आपका ज़्यादा समय और ऊर्जा लग जाती है जिसके कारण महत्वपूर्ण कार्यों को करने का न पर्याप्त समय मिल पाता है और न ही इतनी ऊर्जा शेष रहती है। ऐसे में जरुरी है कि आप प्रत्येक दिन के सबसे जरूरी कार्यों की सूची बनाकर पहले उन्हें पूरा करे।

हर दिन की योजना बनाएं – बिना योजना के जीवन तो क्या, एक दिन भी अच्छे से गुज़ारा नहीं जा सकता। इसलिए प्रत्येक दिन की योजना बनाना शुरू कीजिये। रात को सोते समय ही अगले दिन की रुपरेखा बना लीजिये जिससे अगले दिन के जरुरी कार्य समय पर निपटा सकें।

वर्तमान कार्य पर पूरा ध्यान लगाये – अक्सर ऐसा होता है कि आप कोई काम शुरू तो कर देते हैं लेकिन उसके दौरान आने वाले दूसरे कामों की तरफ भी आपका ध्यान चला जाता है। ऐसा करने से आपका वर्तमान कार्य न केवल बाधित होता है बल्कि उसकी गुणवत्ता भी प्रभावित होती है। इससे बचने के लिए जरुरी है कि एक कार्य हाथ में लेने के बाद उसके पूरा होने तक, आप अपना पूरा ध्यान उसी में लगा कर रखे।

समय सीमा तय करना भी है ज़रूरी – किसी भी काम के लिए एक समय सीमा निर्धारित होना बेहद जरुरी होता है। बिना सीमा निर्धारण किये कोई कार्य करने की स्थिति में, आप एक ही काम को लम्बे समय तक करते रहेंगे जिसके कारण अन्य जरुरी कार्य कतार में ही लगे रहेंगे और उनमें से कुछ की अंतिम समय सीमा भी समाप्त हो जायेगी। इसलिए हर एक कार्य के लिए समय सीमा तय करें और उसमें रहते हुए ही हर काम पूरा करने की कोशिश कीजिये।

काम के बीच अंतराल कम ही रखें – कई बार काम की अधिकता से आप बोझिल महसूस करने लगते हैं। ऐसे में कुछ समय अपनी पसंद का कोई कार्य जैसे कोई खेल खेलना, गाने सुनना या किसी से बात करना अच्छा रहता है और आप फिर से ताज़गी महसूस करने लगते हैं लेकिन जब इन्हीं कार्यों को करने में आप अपना सारा समय गवां देते हैं तो, महत्व के सारे कार्य भी अधूरे रह जाते हैं और समय भी जा चुका होता है। इससे बचने के लिए, महत्वहीन कार्यों से दूरी बनाये और ज़रूरी कार्यों के बीच अंतराल कम ही रखें।

समय का ध्यान रखें – काम करने में मशगूल हो जाने की स्थिति में आप ये भी नहीं जान पाते हैं कि आज दिन कौनसा है और अभी समय क्या हुआ है। ऐसी स्थिति से बचने के लिए आप कैलेंडर और घड़ी का सहयोग लीजिये। ये दोनों ही आपको सही समय की पूरी जानकारी देते रहेंगे और आपके लिए काम को अनुशासित तरीके से करना आसान हो जायेगा।

कहते हैं कि किसी कार्य में कुशल होना आसान नहीं होता लेकिन यदि निरंतर अभ्यास किया जाए तो कोई भी कार्य करना कठिन भी नहीं होता। कुछ ऐसा ही समय के कुशल प्रबंधन के सन्दर्भ में भी है। यदि आप समय का सही उपयोग करने का अभ्यास शुरू कर देंगे तो जल्द ही आप भी सफल लोगों की सूची में अपना नाम शामिल करा सकेंगे क्यूँकि समय ही सच्चा धन है। तो, देर किस बात की। अभी से अपने समय का सही उपयोग शुरू कर दीजिये, जल्द ही आप इसमें भी कुशल बन ही जाएंगे।

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