डीएनए टेस्ट क्या है और कैसे किया जाता है?

अक्टूबर 6, 2017

आप सभी ने डीएनए टेस्ट का नाम तो जरूर सुना ही होगा। विज्ञान में इस समय 1200 तरह के डीएनए टेस्ट मौजूद है। डीएनए टेस्ट की मदद से आपका किसी शख्स से संबंध के बारे में पता चलता है। यानी की इस टेस्ट से आपका किसी के साथ माता-पिता, दादा-दादी, खानदान, वंश, परिवार या जातीय समूह का पता चलता है। इस टेस्ट के जरिए कई बार अपराधों को सुलझाने में तो कभी उत्तराधिकारी साबित करने में मदद मिलती है। इस समय विज्ञान ने बहुत प्रगति कर ली है। इसकी मदद से अब नवजात बच्चों में मौजूद किसी बीमारी का पता उसके डीनए टेस्ट से चल जाता है। ये तो थी डीएनए टेस्ट की जानकारी। अब हम आपको बता देते हैं कि आखिर ये डीएनए होता है क्या है।

डीएनए क्या है? – साल 1953 में वैज्ञानिक जेम्स वॉटसन और फ्रान्सिस क्रिक ने डीएनए की खोज की थी। अपनी इस खोज के लिए उन्हें साल 1962 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। डीएनए, जीवित कोशिकाओं के गुणसूत्रों में पाए जाने वाले तंतुनुमा अणु को डी-ऑक्सीराइबोन्यूक्लिक अम्ल (DNA)  कहते हैं। इसमें अणुवांशिक गुण मौजूद होते हैं। डीएनए का आकार किसी घुमावदार सीढ़ी की तरह होता है। डीएनए का एक अणु चार अलग-अलग रासायनिक वस्तुओं (अडेनिन, ग्वानिन, थाइमिन और साइटोसिन) से बनता है जिन्हें न्यूक्लियोटाइड कहते हैं। इन न्यूक्लियोटाइडोन को फॉस्फेट का एक अणु जोड़ता है। डीएनए हर एक जीवित कोशिका के लिए अनिवार्य है। डीएनए आमतौर पर क्रोमोसोम के रूप में हमारे शरीर में मौजूद रहता है।

डीएनए टेस्ट क्या है? – डीएनए टेस्ट जेनेटिक टेस्टिंग के अंदर आता है। जेनेटिक टेस्टिंग हमारे जीन की जाँच करता है। जेनेटिक टेस्टिंग की मदद से जीन मे परिवर्तन की जाँच करके किसी रोग या बीमारी का कारण भी पता कर सकते है।

डीएन टेस्ट कैसे किया जाता है? – आपको जिस शख्स की डीएनए जांच करवानी है उसके बाल, खून, त्वचा और उल्ब तरल (एम्नियोटिक फ्लुइड) का सैंपल ले लें। एम्नियोटिक फ्लुइड गर्भावस्था में भ्रूण के चारों ओर मौजूद तरल होता है। इसके अलावा आप उस शक्स के गालों के अंदरूनी हिस्से से उतक का नमूना भी ले सकते हैं। जिसको Buccal Swab कहा जाता है। माउथवॉश के जरिए भी मुंह के अंदर के सेल जमा किए जा सकते हैं। इन सैंपल की जांच करने वाली मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाएं हैं, जो 10 से 40 हजार रुपए चार्ज करती हैं। इस सैंपल की जांच रिपोर्ट 15 दिनों के अंदर मिल जाती है।

मानव जीनों में 46 गुणसूत्र मौजूद हैं। जीन में आनुवांशिक की मूलभूत इकाई है जो एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में स्थानांतरित होती है। मतलब कि इसमें आपके आनुवांशिक गुणों की सारी जानकारी मौजूद होती है। जिससे यह पता चल जाता है कि आपके आने वाली पीढ़ियों के बालों का रंग, आखों का रंग पता चलता है। इसके अलावा उन्हें आने वाले समय में कौन सी बीमारी हो सकती है उसका भी पता चल जाता है। इसी वजह से कहते हैं कि इंसान का डीएनए अमर रहता है यानी वो कभी मरता नहीं है। अगर किसी के डीएनए में परिवर्तन पाया जाता है तो उसे म्यूटेशन कहते हैं। यह परिवर्तन कोशिकाओं में मौजूद किसी दोष की वजह से पैदा होता है या पराबैंगनी विकिरण की वजह से होता है। इसके अलावा किसी रासायनिक तत्व या वायरस की वजह से भी हो सकता है।

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