क्यों है हमारी इंद्रियां इतनी बलशाली, कैसे करें इन पर नियंत्रण

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भगवान ने इंसान को सबसे ज्यादा बुद्धिमान बनाया है। उसे चीजों को महसूस करने के लिए उन्होंने पांच इंद्रिया दी हैं। जिसकी वजह से वो चीजों को महसूस कर सकता है और भावनाओं को समझ सकता है। इंद्रियों की वजह से हम चीजों को देख सकते हैं, मुश्किलों से बच सकते हैं, आवाज सुन सकते हैं और खतरों को भांप सकते हैं। कई बार मुश्किल आने पर हम मन में जिन अनुभवों का आंकलन करके उनसे निपटने की स्ट्रैटिजी बनाते हैं उसमें इंद्रियां मदद करती हैं। हम आपको बताते हैं कि मानव शरीर में कौन-कौन सी इंद्रियां हैं।

आंख- हम सभी देखने के लिए आंखों का इस्तेमाल करते हैं। इसकी मदद से हम संसार मे मौजूद अच्छी और बुरी चीजों को देख सकते हैं।

नाक- नाक की मदद से हम सांस लेते हैं। साथ ही यही हमें अच्छी और बुरी चीजों और सुंगध-दुर्गंध के बारे में बताती है।

जीभ- जीभ की मदद से हम किसी चीज के स्वाद का पता लगाते हैं। इससे हमें मीठे, नमकीन, खट्टे और कड़वे स्वाद का पता चलता है।

स्पर्श- इस इंद्री की मदद से हमें किसी के अच्छे और बुरे स्पर्श का पता चलता है। मतलब सामने वाले ने आपको अच्छी या बुरी नीयत से छुआ उसका पता इसी से चलता है।

गीता में भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन को बताते हैं कि हे अर्जुन हमारी इंद्रिया इतनी बलवान हैं कि वह उस बुद्धिमान के मन को भी हर लेती हैं जो इंद्रियों को काबू में करने की कोशिश करता है। इससे पता चलता है कि हम इंद्रियों के गुलाम हैं और हमारे शरीर इनके द्वारा नियत्रंण में रहता है। हमारा शरीर कई तरह की इंद्रियों से बना है। जिसमें से पांच ज्ञानेंद्रियां है और पांच कामेंद्रियां। ज्ञानेंद्रिया इंसान को ज्ञान की प्राप्ति करने में मदद करती हैं जबकि कामेंद्रिया काम करने में। हर कोई अपनी इंद्रियों पर जीत हासिल नहीं कर सकता। लेकिन जो कर लेते हैं उनके लिए फिर कुछ भी चीज मायने नहीं रखती है। उन्हें फिर किसी से कोई अपेक्षा नहीं रह जाती है।

वैसे तो इंद्रियों पर नियंत्रण कर पाना काफी मुश्किल है लेकिन अगर आप एक बार मन में ठान लें तो कुछ मुश्किल नहीं रह जाता। आइये आपके बताते हें कुछ आसान उपाय जिनसे आप अपनी चंचल इंद्रियों को काबू कर सकते हैं।

भक्ति- आप जिस किसी भगवान को मानते हैं उनकी मन से भक्ति करने पर धीरे-धीरे आप मोहमाया से दूर हो जाते हैं। एक बार ऐसा हो जाए तो आपके ऊपर किसी चीज को कोई असर नहीं पड़ता।

योग- योग के जरिए आप अपने मन के चंचल घोड़े की लगाम को अपने हाथों में पकड़ सकते हैं। योग की सहायता से धीरे-धीरे इंद्रियों पर काबू पाया जा सकता है।

साधना- साधना यानी आखें बंद करके अपने इष्ट देव के बारे में सोचना। इससे आपको मन की शांति तो मिलती ही है साथ ही इंद्रियों के बंधन से भी आप धीरे-धीरे दूर हो जाते हैं।

गुरु की शरण- खुद के सभी दुख-सुख को अगर आप अपने किसी गुरु के चरण में समर्पित कर देंगे तो निश्चित तौर पर मन आपकी बात मानने लगेगा।

ध्यान- नियमित तौर पर अपने भगवान के चरणों में ध्यान लगाने से आप इंद्रियों के चक्रव्यूह से खुद को अलग कर सकते हैं।

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