विटामिन ई की क्यों जरुरत है हमारे शरीर को

दिसम्बर 11, 2017

शरीर को संतुलित और स्वस्थ बनाये रखने के लिए विटामिन्स की भी ज़रूरत होती है और ऐसा ही एक ज़रूरी विटामिन होता है विटामिन ई, जिसे आवश्यक मात्रा से कम मात्रा में लिया जाए तो शरीर पर कई दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं। बच्चों के लिए रोज़ाना 6 से 7 मिलीग्राम और बड़ों के लिए 15 मिलीग्राम विटामिन ई ज़रूरी होता है। इससे कम मात्रा होने पर शरीर में विटामिन ई की कमी हो जाती है। ऐसे में ये जानना बेहतर होगा कि विटामिन ई हमारे शरीर के लिए किस तरह उपयोगी है और इसकी कमी से शरीर पर क्या प्रभाव पड़ सकते हैं। तो चलिए, आज बात करते हैं विटामिन ई के बारे में–

विटामिन ई क्यों ज़रूरी है –

1. रक्त में लाल रक्त कणिकाओं को बनाने का महत्वपूर्ण कार्य करता है विटामिन ई।

2. ये विटामिन मांसपेशियों और ऊतकों को उनके सामान्य रूप में बनाये रखने में भी सहायक है।

3. विटामिन ई फ्री-रेडिकल्स से शरीर को होने वाले नुकसान से बचाता है क्योंकि ये एक एंटीऑक्सीडेंट की तरह कार्य करता है।

4. ये विटामिन इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाकर रोगों से लड़ने की ताकत देता है।

5. इसमें एंटी-एजिंग प्रॉपर्टीज पायी जाती है जो त्वचा से झुर्रियां दूर करके त्वचा को चमकदार बनाती है।

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6. त्वचा से डेड स्किन और काले धब्बे हटाने का कार्य भी विटामिन ई करता है।

7. पुरुषों में नपुंसकता का एक कारण विटामिन ई की कमी होना भी होता है।

8. विटामिन ई कैंसर, हृदय रोग और भूलने की बीमारी जैसी समस्याओं को कम करने में सहायक होता है।

9. इस विटामिन की कमी होने से दिमाग की नसें क्षतिग्रस्त हो सकती हैं।

10. विटामिन ई की कमी से थायरॉइड ग्लैंड और पिट्यूटरी ग्लैंड के महत्वपूर्ण कार्यों में बाधा आ सकती है।

11. शरीर में विटामिन ई की कमी होने पर विटामिन ए की कमी भी होने लगती है ।

12. बालों को लम्बा और घना करने में भी विटामिन ई बेहद प्रभावी होता है।

13. विटामिन ई की कमी होने पर वसा को पचाने में शरीर को काफी मुश्किल होती है।

14. अपरिपक्व नवजात शिशु में विटामिन ई की कमी होने पर एनीमिया होने का खतरा बढ़ जाता है।

विटामिन ई के स्रोत – विटामिन ई को प्राकृतिक स्रोतों से प्राप्त करना ही फायदेमंद साबित होता है। विटामिन ई वसा में घुलनशील होता है और फैट्स के ज़रिये शरीर में पहुँचता है। अखरोट, मूंगफली और बादाम इसके बेहतरीन स्रोत हैं। सूरजमुखी के बीज और हरी पत्तेदार सब्ज़ियां जैसे पालक और ब्रोकली इस विटामिन के अच्छे स्रोत हैं। अंकुरित अनाज, राजमा, सोयाबीन, लोबिया, अलसी से भी विटामिन ई लिया जा सकता है।

Vitamin-E-Benefits विटामिन ई की क्यों जरुरत है हमारे शरीर को

अब तक आप ये ज़रूर जानते होंगे कि त्वचा और बालों के लिए विटामिन ई कितना फायदेमंद साबित होता है लेकिन अब आप ये भी जान चुके हैं कि बेहतर सेहत के लिए भी विटामिन ई का होना कितना आवश्यक होता है इसलिए प्राकृतिक स्रोतों से विटामिन ई लेना शुरू कर दीजिये।

लेकिन इस बात का ध्यान ज़रूर रखें कि विटामिन ई की मात्रा ज़्यादा होने पर भी सेहत को नुकसान हो सकता है। इस विटामिन की अधिकता होने पर बहुत अधिक रक्तस्राव और थकान जैसी कई स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याएं हो सकती हैं और खून भी पतला हो सकता है। ऐसे में विटामिन ई की संतुलित मात्रा का सेवन कीजिये और ओवरडोज़ से बचने के लिए डॉक्टर के परामर्श पर ही सप्लीमेंट्स के ज़रिये इसका सेवन शुरू कीजिये।

हमने यह लेख प्रैक्टिकल अनुभव व जानकारी के आधार पर आपसे साझा किया है। अपनी सूझ-बुझ का इस्तेमाल करे। आपको यह लेख कैसा लगा? अगर इस लेख से आपको कोई भी मदद मिलती है तो हमें बहुत खुशी होगी। अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे। हमारी शुभकामनाएँ आपके साथ है, हमेशा स्वस्थ रहे और खुश रहे।

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