लड़कियों को मासिक धर्म यानि माहवारी क्यों आती है?

माहवारी यानि मासिक धर्म महिलाओं को होने वाली एक आम समस्या है। इसमें महिलाओं के प्राइवेट पार्ट से रक्त प्रवाह होता है। वास्तव में युवावस्था शुरू होने पर लड़कियों के शरीर में कई तरह के बदलाव होने लगते हैं। यह जरूरी नहीं है कि लड़कियों को किसी एक खास उम्र में ही यह समस्या होती है। अध्ययनों के अनुसार, लड़कियों में माहवारी की समस्या 8 से लेकर 17 वर्ष तक हो सकती है। पहली बार मासिक धर्म होना किसी भी लड़की के लिए एक चिंता का विषय हो सकता है। लड़कियों को खून और तरल पदार्थ देखकर तनाव और डर महसूस हो सकता है। ऐसा इसलिए होता है या तो उन्हें इस बारे में बिल्कुल पता नहीं होता है या फिर उन्हें गलत जानकारी होती है। जाहिर है जानकारी के अभाव में उन्हें यह कोई बीमारी ही लग सकती है।

माहवारी क्यों आती है – महिला का शरीर हर महीने गर्भ की तैयारी करता है। इस दौरान उसके अंडाशय में एक अंडा बनता है जो गर्भाशय की नलिका में चला जाता है। इसी समय महिला के गर्भाशय की परत में रक्त जमा होता रहता है ताकि गर्भ के बैठने पर उस रक्त से बच्चा विकसित हो सके। अगर गर्भ नहीं बैठता है, तो यह परत टूट जाती है और परत में जमा रक्त माहवारी के रूप में योनि के जरिए बाहर आ जाता है। अगले महीने फिर ऐसा ही होता है और मासिक धर्म का यह चक्र चलता रहता है। रक्त का यह प्रवाह पांच से सात दिनों तक हो सकता है। महावारी के दूसरे या तीसरे दिन अधिक प्रवाह होता है। हर महिला के मासिक चक्र का अंतराल का समय अलग-अलग हो सकता है। यह उसके शरीर की बनावट पर निर्भर करता है।

माहवारी के दौरान सफाई रखना है जरूरी – जाहिर है माहवारी के दौरान महिला के शरीर की रक्त और स्राव के रूप में गंदगी बाहर निकलती है। आपको बता दें कि इस रक्त में बैक्टीरिया जल्दी पनपते हैं जिससे महिलाओं के जननांगों में इन्फेक्शन हो सकता है। ऐसा होने पर महिला को पेशाब में जलन, योनि मार्ग में खुजली, बदबूदार स्राव आना जैसी समस्याएं होती हैं।

माहवारी के दौरान ऐसे रखें साफ-सफाई का ख्याल

  • महावारी के दौरान किसी बेहतर पैड का इस्तेमाल करें और उसे दिन में तीन से चार बार बदलें।
  • रक्त स्राव को रोकने के लिए गीले कपड़े का इस्तेमाल ना करें, इससे इन्फेक्शन का खतरा होता है।
  • इन दिनों रोजाना स्नान करें और साफ कपड़े पहनें।
  • इस दौरान यौन संबंध बनाने से बचना चाहिए, इससे आपके पार्टनर को इन्फेक्शन का खतरा होता है।
  • इस दौरान आपको ऐंठन को कम करने के लिए एक्सरसाइज़ करनी चाहिए, इससे मसल्स में ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ती है और शरीर को आराम मिलता है।
  • बेशक इस दौरान रक्त का स्राव होता है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप पूरे दिन बिस्तर पर पड़ी रहें। आप अपने रोजाना के छोटे-छोटे काम निपटा सकती हैं।
  • कुछ लोग ऐसा मानते हैं कि इस दौरान नहाना या बालों को नहीं धोना चाहिए क्योंकि इससे रक्त का स्राव धीमा हो सकता है। लेकिन यह सच नहीं है आपका जब दिल करे, तब नहाएं।

“शादी से पहले लड़कियों को लड़के से ज़रूर पूछने चाहिए ये 5 सवाल”
“हनीमून पर जाने से पहले ऐसे करें तैयारी”
“शादी की पहली रात कभी ना करें ये गलतियां”

अगर ये जानकारी आपको अच्छी लगी तो अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें।