इस शहर में लंगूर संभालते थे रेलवे की जिम्मेदारी

सुनने में यह बात कुछ अजीब सी लगती है कि बंदर रेलवे की जिम्मेदारी संभालते थे लेकिन आज हम आपको एक ऐसी ही जगह के बारे में बताने वाले हैं जहां पर रेलवे को संभालने में बंदरों का गजब का योगदान था।

1877 में जेम्स वाइट नाम के एक रेलवे कर्मचारी ने एक दुर्घटना में अपने दोनों पैर गवा दिए थे। इस एक्सीडेंट से उबरने के बाद उन्हें अफ्रीका के Chacma स्टेशन पर सिग्नल मेन के तौर पर नौकरी दे दी गई। नौकरी के 4 साल के बाद उनकी नजर एक लंगूर प्रजाती पर पड़ी भूरे रंग के यह लंगूर दक्षिण अफ्रीका के कई हिस्सों में पाए जाते हैं वहां पर यह जैक बैल गाड़ी खींचने का काम करते हैं इसके बाद जेम्स में इस लंगूर को खरीद लिया।

शुरुआत के दिनों में जेम्स इन बंदरों को ट्रॉली खींचने की ट्रेनिंग देते थे और बाद में वह इनसे कई काम भी कराने लगे। थोड़े ही दिनों में यह लंगूर कोल् यार्ड की चाभियां तक संभालने लगे। थोड़े ही दिनों बाद जेम्स को इस बात पर यकीन हो गया कि यह लंगूर लीवर को भी ऑपरेट कर सकते हैं और इसीलिए उन्हें स्विच की ट्रेनिंग दी गई और इसके बाद यह लंगूर आसानी से लीवर का इस्तेमाल करके ट्रैन को संचालित कर लिया करते थे।

थोड़े दिनों बाद वह इन लंगूरों की निगरानी भी नहीं करते थे और आसानी से यह ट्रेन को संचालित कर लिया करते थे। आपको इस बात पर हैरानी होगी कि अपने कैरियर के दौरान एक बार भी इन लंगूरों से कोई गलती नहीं हुई।

इन लंगूरों की खासियत यह थी कि यह आसानी से किसी भी चीज को सीख लिया करते थे। लेकिन आपको इस बात को जानकर हैरानी होगी कि एक महिला की रिपोर्ट के बाद जेम्स को नौकरी से निकाल दिया गया क्योंकि वह बंदरों से काम करवाया करते थे।

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