लिखावट सुधारने के आसान तरीके

जनवरी 26, 2018

व्यक्तित्व को प्रभावी बनाने में लिखावट का भी अहम योगदान होता है। भले ही आज बहुत से काम कंप्यूटर पर होने लगे हैं लेकिन फिर भी पेन-पेंसिल का साथ हमसे छूट नहीं पाया है। ऐसे में अगर आपकी लिखावट सुन्दर है तो आप बहुत जल्दी अपना प्रभाव जमा पाते होंगे और साफ और सुन्दर लिखावट समझने में भी आसान हो जाती है जबकि ख़राब लिखावट को समझ पाना बहुत मुश्किल होता है और इससे आपका प्रभाव भी ख़राब पड़ता है। ऐसे में क्यों ना अफ़सोस करने की बजाए, अपनी हैंडराइटिंग को सुधारने के लिए कुछ प्रयास किये जाएँ। तो चलिए, आज आपको बताते हैं कि किन आसान तरीकों को अपनाकर आप अपनी लिखावट को साफ, सुंदर और प्रभावी बना सकते हैं–

शुद्ध लिखने का अभ्यास करें – लिखावट को सुधारने में ना केवल सुन्दर बनावट ज़रूरी होती है बल्कि शुद्ध लिखा जाना भी ज़रूरी होता है। इसके लिए आप किसी अख़बार या मैगज़ीन में देखकर लिखने का अभ्यास करें। ऐसा करने से आप शब्दों को शुद्ध रूप में लिखेंगे और अभ्यास के चलते आपके लिखने के तरीके में सुधार आना भी शुरू हो जाएगा।

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अक्षरों को पूरा लिखें – अक्सर जल्दबाज़ी और हड़बड़ी में अक्षरों को अधूरा लिख देने की आदत बन जाती है जिससे लिखावट ख़राब भी हो जाती है और लिखे गए अक्षरों को समझना भी मुश्किल हो जाता है इसलिए अक्षरों को पूरा लिखने की आदत डालें।

शब्दों को सीधा लिखने का अभ्यास करें – शब्दों की टेढ़ी-मेढ़ी बनावट लिखावट को अस्पष्ट बना देती है जिसे समझ पाना मुश्किल हो जाता है और ऐसी लिखावट देखने में भी अच्छी नहीं लगती है इसलिए शब्दों को सीधा लिखने की कोशिश करें। लगातार प्रैक्टिस से ऐसा कर पाना आसान हो जाएगा।

निश्चित दूरी बनाकर लिखें – शब्दों और अक्षरों के बीच अगर उचित दूरी ना हो तो वाक्य का अर्थ भी बदल सकता है और लिखे हुए वाक्य को पढ़ पाना मुश्किल भी हो सकता है। ऐसे में शब्दों और अक्षरों को लिखते समय उनके बीच निश्चित दूरी बनाकर लिखने का प्रयास करें ताकि अर्थ समझ पाना भी आसान हो जाये और आपकी लिखावट भी स्पष्ट और सुन्दर दिखाई दे।

शब्दों का आकार एकसमान बनायें – शब्दों का आकार अगर छोटा-बड़ा हो तो लिखावट में एकरूपता दिखाई नहीं देती और ऐसी लिखावट अच्छा प्रभाव भी नहीं डाल पाती इसलिए शब्दों को लिखते समय उनके आकार को एकसमान रखने का अभ्यास करें। अगर आप लिखते समय इस बात का ध्यान रखेंगे तो ऐसा कर पाना आपके लिए आसान ही होगा।

पेन-पेंसिल पकड़ने का तरीका – आपकी लिखावट पर आपके पेन-पेंसिल पकड़ने का तरीका भी प्रभाव डालता है। पेन या पेंसिल को कसकर या बहुत ढीला पकड़कर लिखने की बजाये सामान्य रूप से पकड़ना चाहिए और पेन-पेंसिल को ज़्यादा ऊपर या नीचे से पकड़ने की बजाये निश्चित दूरी से पकड़ना चाहिए। इस तरह पेन-पेंसिल को सही तरीके से पकड़कर लिखने से आप अपनी लिखावट में काफी बेहतर फर्क देख पाएंगे।

ज़्यादा लिखने का अभ्यास करें – आप जानते हैं कि कोई भी कार्य सीखने के लिए उसका अभ्यास करना ज़रूरी होता है और अभ्यास के ज़रिये किसी भी कार्य को करना सीखा जा सकता है। ऐसे में अगर आप अच्छी लिखावट चाहते हैं तो आपको ज़्यादा से ज़्यादा लिखने का अभ्यास करना होगा क्योंकि आप जितनी बार लिखेंगे उतनी बार आपकी लिखावट में सुधार होता चला जाएगा।

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सफाई से लिखें – लिखते समय अगर कोई ग़लती हो जाए तो उसे काटने की बजाए उस पर केवल एक लाइन फेर देनी चाहिए। ऐसा करने से उस शब्द के ग़लत होने का पता भी चल जाता है और राइटिंग में सफाई भी बनी रहती है जो प्रभावी लिखावट की एक महत्वपूर्ण ज़रूरत होती है।

लाइन पर ही लिखें – पेपर पर बनी लाइन पर ही लिखने का अभ्यास करें क्योंकि लाइन के ऊपर या नीचे लिखने की स्थिति में उसे समझना मुश्किल होता है और वो व्यवस्थित होने की बजाये बेतरतीब दिखाई देता है।

दोस्तों, अब आप जान चुके हैं कि लिखावट को साफ, स्पष्ट और सुन्दर बनाने के लिए किन आसान उपायों को अपनाना ज़रूरी है और ये तो आप पहले से ही जानते हैं कि अपने व्यक्तित्व में बेहतर बदलाव कभी भी लाये जा सकते हैं। ज़रूरत है तो बस मन लगाकर अभ्यास करने की। तो बस, सही तरीके से अभ्यास करिये और सुन्दर लिखावट की अपनी तमन्ना को पूरा कर लीजिये।

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