लिपिड प्रोफाइल टेस्ट क्या हैं?

अगस्त 16, 2018

हमारे ब्लड में मौजूद अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL), बुरे कोलेस्ट्रॉल (LDL) और ट्राइग्लिसराइड्स (एक प्रकार की वसा) को मापने के लिए लिपिड प्रोफाइल टेस्ट किया जाता है। इस टेस्ट को लिपिड पैनल या कोलेस्ट्रॉल टेस्ट भी कहा जाता है। इस टेस्ट के बारे में जानना आपके लिए भी फायदेमंद हो सकता है इसलिए आज इसी टेस्ट के बारे में बात करते हैं–

कोलेस्ट्रॉल एक ऐसी नरम और मोटी वसा होती है जिसकी सीमित मात्रा की जरुरत हमारे शरीर को होती है लेकिन इसकी मात्रा बढ़ जाने पर दिल से जुड़ी बीमारियां होने का खतरा बहुत बढ़ जाता है इसलिए बचाव के तौर पर महिलाओं को 45 साल की उम्र के बाद और पुरुषों को 35 साल की उम्र के बाद से ही कोलेस्ट्रॉल टेस्ट करवाना शुरू कर देना चाहिए।

लिपिड प्रोफाइल टेस्ट क्यों किया जाता है-

ऐसे में कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ने का खतरा काफी बढ़ जाता है इसलिए इस टेस्ट द्वारा वास्तविक स्थिति का पता लगाया जाता है।

लिपिड प्रोफाइल टेस्ट कैसे किया जाता है – अगर आप फुल लिपिड प्रोफाइल टेस्ट करवाते हैं तो डॉक्टर आपको टेस्ट से 9 से 12 घंटे पहले पानी के अलावा कुछ भी खाने-पीने से मना कर सकते हैं। अगर आप किसी तरह की स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्या से ग्रस्त हैं या किसी तरह की दवाएं या सप्प्लिमेंट्स लेते हैं तो डॉक्टर को टेस्ट से पहले ही बता दें।

ये टेस्ट ज्यादातर सुबह खाली पेट किया जाता है जिसमें ब्लड का सैंपल लिया जाता है जिसके परिणाम के अनुसार डॉक्टर आपको जानकारी देते हैं।

कोलेस्ट्रॉल का लेवल कैसे जांचा जाता है – कोलेस्ट्रॉल लेवल मापने के लिए खून के एक डेसिलीटर (डीएल) में कोलेस्ट्रॉल के कितने मिलीग्राम है, इसका पता लगाया जाता है।

वयस्कों में सामान्य रूप से कोलेस्ट्रॉल लेवल-
एलडीएल – 70 से 130 मिलीग्राम/डीएल
एचडीएल – 40 से 60 मिलीग्राम/डीएल
टोटल कोलेस्ट्रॉल – 200 मिलीग्राम/डीएल
ट्राइग्लिसराइड्स -10 से 150 मिलीग्राम/डीएल

टेस्ट में कोलेस्ट्रॉल की संख्या सामान्य सीमा से बाहर आने पर हार्ट डिजीज, स्ट्रोक, एथेरोस्क्लेरोसिस का खतरा बहुत बढ़ जाता है। ऐसे में डॉक्टर रिपोर्ट को बारीकी से देखकर आगे की प्रक्रिया समझाते हैं जिसमें डायबिटीज और थायरॉइड की जांच भी कराई जा सकती है।

दोस्तों, अब आप लिपिड प्रोफाइल टेस्ट के बारे में जान चुके हैं और ये भी जान चुके हैं कि एक स्वस्थ जीवनशैली आपको बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल से होने वाली बीमारियों से बचा सकती है। ऐसे में आपको तय करना है कि आप एक्टिव और हेल्दी लाइफ चाहते हैं या बीमारियों वाली सुस्त लाइफ।

उम्मीद है कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी। हमने आपसे सिर्फ ज्ञानवर्धक जानकारी साझा की है। कोई भी प्रयोग आजमाने से पहले अपनी सूझ-बुझ का इस्तेमाल जरूर करे और अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर ले। सदैव खुश रहे और स्वस्थ रहे।

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