लीवर के खराब होने के प्रमुख लक्षण

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हमारे शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि और सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है लीवर यानि यकृत जो भोजन को पचाने में अहम भूमिका निभाता है, साथ ही शरीर के विकास के लिए ग्लूकोज, प्रोटीन और पित्त जैसे आवश्यक पदार्थों का निर्माण भी करता है लेकिन अगर लीवर सही ढंग से कार्य नहीं करे तो शरीर को काफी तकलीफ उठानी पड़ सकती है। लीवर की खराबी का कारण कोई लम्बी बीमारी या हेरिडिटी भी हो सकती है। ऐसे में लीवर अपना काम सही तरीके से कर पा रहा है या नहीं, ये जानना बेहद ज़रूरी हो जाता है। तो चलिए, आज आपको बताते हैं ऐसे लक्षण, जिन्हें लीवर के खराब होने की स्थिति में जानकर तुरंत इलाज किया जा सकता है –

पेट में होने वाला दर्द – पेट दर्द की समस्या यूँ तो कई कारणों से हो जाती है लेकिन अगर पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में दर्द हो रहा है या पसलियों के नीचे दाहिने भाग में दर्द रहने लगा है तो समझ लीजिये कि आपका लीवर तकलीफ में है।

पेट पर सूजन आना – पेट पर सूजन आने से पेट बाहर की ओर निकल जाना लीवर सिरोसिस रोग का संकेत है जिसमें पेट में फ्लूड जमा हो जाता है और आँतों से रक्तस्राव होने लगता है और इसके बढ़ते जाने की स्थिति में लीवर कैंसर भी हो सकता है।

त्वचा पर चकत्ते पड़ना – त्वचा पर खुजली होने से पड़ने वाले चकत्ते लीवर की खराबी की ओर इशारा करते हैं। त्वचा की सतह का नम बने रहना ज़रूरी होता है लेकिन लीवर के ख़राब होने की स्थिति में त्वचा की सतह पर पाए जाने वाले द्रव्य में कमी आने से स्किन मोटी, शुष्क हो जाती है और इस पर खुजली वाले चकत्ते पड़ जाते हैं।

पीलिया होना – आँखों का रंग पीला हो जाए और त्वचा सफ़ेद होने लगे तो ये संकेत है खून में पित्त वर्णक बिलीरुबिन का स्तर बढ़ने के, जिसके कारण शरीर से अनावश्यक पदार्थों का बाहर निकलना संभव नहीं हो पाता और लीवर खराब होने का ये संकेत पीलिया के रूप में दिखाई देता है।

बेचैनी रहना – एसिडिटी और अपच जैसी पाचन सम्बन्धी समस्याओं का प्रभाव भी लीवर पर पड़ सकता है जिससे लीवर डैमेज हो सकता है जिसके संकेत के रूप में जी मिचलाना और उल्टी आने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।

वजन कम होना – बिना प्रयास किये तेज़ी से वजन कम होता जाना अच्छा संकेत नहीं होता है। लीवर अगर खराब हो चुका हो तो भूख कम लगने लगती है जिसकी वजह से वजन कम होता जाता है। इस संकेत को तुरंत जानकर इलाज करवाना बेहद ज़रूरी है।

मल में होने वाले परिवर्तन – लीवर खराब होने की स्थिति में कब्ज़ की शिकायत रहने लगती है, मल में खून आने लगता है और मल का रंग काले रंग का हो जाता है। इन संकेतों को नज़रअंदाज़ न करें।

मूत्र में परिवर्तन – लीवर पित्त का निर्माण करता है लेकिन लीवर खराब होने पर रक्त में पित्त वर्णक बिलीरूबिन का स्तर बढ़ जाता है जिसके कारण मूत्र का रंग गहरा पीला हो जाता है और खराब हो जाने के कारण लीवर इस बढ़े हुए वर्णक को किडनी के ज़रिये बाहर निकाल नहीं पाता है।

शरीर के अन्य भागों में सूजन – पैरों, टखनों और तलुओं में तरल जमा होने लगता है, जिससे इन भागों में सूजन आ जाती है और ये लीवर के गंभीर रूप से खराब होने का लक्षण है। इस स्थिति में जब आप त्वचा के सूजे हुए भाग को दबाते हैं तो दबाने के काफी देर बाद तक भी वो स्थान दबा हुआ रहता है।

थकान महसूस होना – सामान्य रूप से रोज़ाना थोड़ी थकान महसूस होना स्वाभाविक है लेकिन अगर बहुत ज़्यादा थकान महसूस होने लगे, चक्कर आने लगे और मांसपेशियों में कमज़ोरी महसूस हो तो ये लीवर के पूरी तरह खराब होने के संकेत हैं। इसके अलावा नींद का चक्र भी गड़बड़ा जाता है और भ्रम जैसी स्थिति बनने लगती है जिससे व्यवहार में भी बदलाव आने लगते हैं और याददाश्त भी कमजोर होने लगती है। लीवर फेल हो जाने की स्थिति में कोमा में जाने के हालात भी बन सकते हैं।

स्वस्थ रहने के लिए ज़रूरी है कि शरीर का हर एक अंग अपना कार्य सही तरीके से करता रहे। ऐसे में लीवर जैसा महत्वपूर्ण अंग यदि खराब होने लगे तो ये गंभीर बीमारी का रूप ले सकता है। ऐसे में आप अपने शरीर में होने वाले हर छोटे बड़े परिवर्तन के प्रति सजग रहिये ताकि समय रहते सही लक्षणों को पहचान कर गंभीर बीमारियों से बचा जा सके और आप हमेशा यूँ ही स्वस्थ बने रह सकें।

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