महात्मा गांधी के 15 अनमोल वचन

हर साल 2 अक्टूबर को हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है और इसी दिन पूरे विश्व में अन्तर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। महात्मा गांधी सभी के लिए एक प्रेरणा स्त्रोत है जिनका जीवन सत्य और अहिंसा की पगडण्डी पर ही चला है और इस के दम पर इन्होने देश को आजादी दिलाई। आइये आज आपको महात्मा गांधी के 15 ऐसे अनमोल वचन बताते हैं जो हमे हमेशा प्रेरित करते हैं।

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1. ऐसे जियें जैसे की आपको कल मरना है और सीखें ऐसे जैसे आपको हमेशा जीवित रहना है।

2. आजादी का कोई मतलब नहीं, यदि इसमें गलती करने की आजादी शामिल न हो।

3. प्रसन्नता ही एकमात्र ऐसा इत्र है जिसे आप दूसरों पर छिड़कते हैं तो कुछ बूँदें आप पर भी पड़ती हैं।

4. पहले वह आप पर ध्यान नहीं देंगे, फिर आप पर हसेंगे, फिर आपसे लड़ेंगे मगर अंत में जीत आपकी ही होगी।

5. व्यक्ति की पहचान उसके कपड़ों से नहीं उसके चरित्र से होती है।

6. खुद में वो बदलाव लाइए जो आप दुनिया में देखना चाहते हैं।

7. कमजोर किसी को माफ़ नहीं कर सकते, माफ़ करना मजबूत लोगों की निशानी है।

8. अपने दोष हम देखना नहीं चाहते, दूसरों के देखने में मजा आता है।

9. बहुत सारे दुःख तो इसी आदत से पैदा होते हैं।

10. एक आदमी ही सोच को जन्म देता है और वो जो सोचता है वही बनता है।

11. कुछ लोग सफलता के सपने देखते हैं जबकि कुछ लोग जागते हैं और कड़ी मेहनत करते हैं।

12. क्रोध एक प्रचंड अग्नि है, जो मनुष्य इस अग्नि को वश में कर सकता है वह उसे बुझा देगा, जो मनुष्य इस अग्नि को वश में नहीं कर सकता, वह स्वयं को जला लेगा।

13. अक्लमंद काम करने से पहले सोचता है और मूर्ख काम करने के बाद।

14. अगर आप कुछ नहीं करोगे तो आपके पास कोई परिणाम नहीं होगा।

15. जो समय बचाते हैं, वे धन बचाते हैं और बचाया हुआ धन, कमाए हुए धन के बराबर है।

“चाणक्य नीति के कुछ कारगर वचन”

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