एक महिला और पुरुष मस्तिष्क के बीच क्या अंतर है?

सितम्बर 20, 2018

महिला और पुरुष यूँ तो एक ही गाड़ी के दो पहिये हैं जिनके बिना जीवन की गाड़ी का संतुलन बने रहना संभव नहीं है यानी दोनों का ही महत्त्व समान है लेकिन ये तो आप जानते ही हैं कि महिला और पुरुष के व्यवहार, सोचने और भावनाओं को जताने का तरीका अलग-अलग होता है और आप ये भी जरूर जानना चाहते होंगे कि आखिर इसकी वजह क्या है? ऐसे में क्यों ना आज, आपको ये बताये कि एक महिला और पुरुष मस्तिष्क में क्या फर्क होता है जो उनके व्यवहार और जीवनशैली को प्रभावित करता है। तो चलिए, आज इसी बारे में बात करते हैं-

अमेरिका में हुए एक रिसर्च के अनुसार, पुरुषों के मस्तिष्क की बनावट आगे से पीछे की ओर जाती है और ये दोनों हिस्से तंतुओं के ज़रिये एक दूसरे से जुड़े रहते हैं जबकि महिलाओं के मस्तिष्क की बनावट में तंतु बाएं से दाएं और दाएं से बाएं, दोनों ही रूप में एक-दूसरे से जुड़ते हैं।

पुरुषों के मस्तिष्क में तंत्रिका तंतुओं की संख्या ज्यादा होती है जबकि महिलाओं के मस्तिष्क में ग्रे मैटर ज़्यादा होता है और रिसर्च के अनुसार, मस्तिष्क की बनावट में मिलने वाला ये अंतर ही महिला और पुरुष के स्वभाव में अंतर लाता है।

पुरुषों के मस्तिष्क की बनावट ही उन्हें परिस्थिति के अनुसार संतुलित व्यवहार करने में सहायता करती है जबकि महिलाओं के मस्तिष्क की बनावट उन्हें ज्यादा संवेदनशील और भावुक बनाती है।

इतना ही नहीं, अगर महिलाओं में किसी भी परिस्थिति के बारे में गहराई से सोचने-समझने और विश्लेषण करने की क्षमता होती है तो इसका कारण भी उनके मस्तिष्क की बनावट ही है। वहीं पुरुषों में पायी जाने वाली व्यवहारिकता और नक्शों को समझकर याद करना, कठिन रास्तों को पहचानना और सख्त निर्णय ले पाने की क्षमता भी उनके मस्तिष्क के कारण ही होती है।

दोस्तों, महिला और पुरुष के स्वभाव में मिलने वाले अंतर का कारण अब आप भी जान चुके हैं और अब आपके लिए ये समझ पाना भी आसान हो गया होगा कि पुरुष हर हाल में अपने आपको संतुलित कैसे रख पाते हैं और महिलाएं हर विशेष बात को याद कैसे रख पाती हैं।

उम्मीद है कि ये रोचक जानकारी आपको पसंद आयी होगी।

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