मानसिक रूप से मजबूत बनना है तो जरूरी हैं ये आदतें

शरीर की मज़बूती पर भले ही हम ध्यान देते हो लेकिन मन को मज़बूत बनाने के बारे में आपने भी शायद ही कभी सोचा होगा। शारीरिक मज़बूती जहाँ आपके प्रभावी व्यक्तित्व की ओर सभी को आकर्षित करती है वहीँ मानसिक मजबूती मुश्किल दौर में भी संयम बनाये रखने के लिए प्रेरित करती है। आज दुनिया में जो लोग सफलता के शिखर पर बैठे हैं वो भले ही शारीरिक रूप से मज़बूत हो या ना हो, लेकिन उनकी मानसिक मजबूती ही है जो उन्हें उस मुकाम पर बनाये हुए है। मुश्किलों का सामना करना, थक जाने की बजाए चलते रहना, आलोचनाओं से सीखना और गिर जाने के बाद भी उठ खड़े होना मानसिक मजबूती के कारण ही संभव होता है। ऐसे में क्यों ना आप भी जानें कि सफल लोग जो मानसिक रूप से मज़बूत होते हैं, उनके व्यक्तित्व में कौनसे विशेष गुण मौजूद होते हैं जो उन्हें आम लोगों से अलग करते हैं। तो चलिए, आज बात करते हैं ऐसे ही लोगों की उन आदतों और नज़रिये के बारे में, जिन्हें अपनाकर आप भी मानसिक मजबूती को पा सकते हैं –

भावनाओं पर नियंत्रण रखना – अगर आप भी मानसिक रूप से मज़बूत होना चाहते हैं तो सबसे पहले खुद की भावनाओं को समझने और सँभालने का प्रयास करिये। सफल लोग अपनी भावनाओं को तो काबू में रखते ही हैं साथ ही सामने वाले के मन की बात भी भाँप जाते हैं। ऐसा कर पाने के पीछे कारण यही होता है कि सफल लोगों को अपनी कमज़ोरियों और ताकतों के बारे में जानकारी होती है और इसी के अनुसार काम करते जाने से उनके लिए सफलता की राह ज्यादा कठिनाई भरी नहीं रहती।

वर्क-लाइफ को बैलेंस रखना – जो लोग अपनी पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ के बीच संतुलन रख पाते हैं वो बड़ी आसानी से सफल होते जाते हैं और इसके पीछे उनकी मानसिक मजबूती ही होती है जिसके कारण वो अपनी दोनों तरह की लाइफ को अच्छे से बैलेंस कर पाते हैं। काम के दौरान सिर्फ काम पर फोकस और टारगेट अचीव करने की हर संभव कोशिश करना और पर्सनल लाइफ में ऑफिस के काम को हावी ना होने देना। वैसे तो ये बैलेंस बनाये रखना आसान नहीं होता है लेकिन अगर आप मानसिक रूप से मज़बूत हैं तो आपके लिए ऐसा करना बहुत आसान हो सकता है।

खुद पर यकीन रखना – मानसिक मजबूतीपाने के लिए खुद पर यकीन रखना होता है कि मैं सफल हो सकता हूँ। चुनौतियों से घबराने की बजाए, उनमें छिपे नए अवसर देखने की क्षमता विकसित करनी होती है। ऐसा कर लेने के साथ ही ये यकीन भी रखना होता है कि मेरा भविष्य बनाने की क्षमता मुझ में ही है, मैं जैसे चाहूँ वैसे अपना भविष्य बना सकता हूँ और निश्चित समय तक अपने टार्गेट्स अचीव करते जाना मेरा एक गुण है। ये सारे गुण अगर आप अपने स्वभाव में शामिल कर लें तो आप भी स्वयं में वैसी ही मानसिक मजबूती महसूस करने लगेंगे जैसी सफल लोग किया करते हैं क्योंकि ऐसा कर लेने के बाद आप भी तो सफलता की राह पर चल पड़ेंगे ना।

पॉजिटिव सोच बनाये रखना – सफलता की राह में मुश्किलें ढेरों आती हैं और सफल लोग उन मुश्किलों को पार करते जाते हैं क्योंकि वो मानसिक रूप से मज़बूत हैं। किसी भी तरह के उतार-चढ़ाव आने की स्थिति में ऐसे लोग अपने मन को शांत बनाये रखते हैं और नेगेटिव माहौल में भी अपनी सोच को पॉजिटिव बनाये रखते हैं और उनकी ऐसी सोच ही उन्हें गिरने से बचाती है और वो सफलता के मार्ग पर निरंतर चलते रहते हैं।

स्वभाव में लचीलापन – मुश्किलें तो हर कदम पर आती हैं लेकिन विजेता वही बनता है जो उन मुश्किलों को हल करने का तरीका ढूंढकर आगे बढ़ता जाता है। किसी भी समस्या को लेकर बैठ जाने या उससे परेशान होते रहने की बजाए सफल लोग स्वभाव में लचीलापन रखते हुए, तुरंत उसका हल ढूंढने में लग जाते हैं और नए-नए प्रयास करके उस समस्या से बाहर आने का रास्ता ढूंढ ही लेते हैं। ऐसा उनकी मानसिक मज़बूती के कारण ही संभव हो पाता है।

सफल लोग लगातार प्रयास करते हैं – मानसिक मज़बूती पाने के लिए, सफल लोगों के इस गुण को अपने स्वभाव में शामिल करना बेहद ज़रूरी है कि सफल होने के लिए प्रयास लगातार चलते रहें। मार्ग की बाधाएं, चुनौतियां और आलोचनाएं भी आपको आगे बढ़ने से रोक ना सके और आपका पूरा फोकस केवल लक्ष्य को प्राप्त करने की ओर ही लगा रहे। ऐसा कर पाने के लिए मानसिक मज़बूती बेहद ज़रूरी है लेकिन अगर इन बातों को आप अपने व्यक्तित्व का हिस्सा बना लें तो आप धीरे-धीरे खुद को मानसिक रूप से मज़बूत भी बना पाएंगे।

सफल लोग शिकायत नहीं करते – अक्सर हम अपनी असफलता का जिम्मेदार हालात और चीज़ों को बता देते हैं। शिकायतें करने और दूसरों को दोष देने की हमारी यही आदतें हमें सफल नहीं होने देती और ये हमारी मानसिक कमज़ोरी को प्रदर्शित भी करती है। अगर मानसिक रूप से मज़बूत होना है तो शिकायतें करना बंद करना होगा, अपनी असफलताओं की जिम्मेदारी स्वयं को लेनी होगी और बहाने बनाने और शिकायतें करने की बजाए उस फेलियर के कारण ढूंढकर, उन्हें दूर करना होगा।

ऐसे लोग ग़लतियों से सीखते हैं – मानसिक रूप से मज़बूत होने पर ही आप अपनी ग़लतियों को स्वीकार सकते हैं और उनसे सीख लेकर आगे बढ़ सकते हैं। अक्सर लोग बीते समय में हुयी गलतियों से नज़रे चुराना पसंद करते हैं जबकि सफल लोग उस समय की गयी भूलों से सीख लेते हैं ताकि वर्तमान और भविष्य में ऐसी भूल करने से बचा जा सके और ऐसी कोशिश करने वाले लोग अपनी ग़लती को दोहराते नहीं हैं बल्कि दुगुनी गति से आगे बढ़ते चले जाते हैं।

आपका क्षेत्र भले ही कोई सा भी हो, लेकिन सफल होने का अरमान तो आप भी रखते ही हैं और इसके लिए कोशिशें करने के बाद भी अगर आप पूरी तरह सफल नहीं हो पाते हैं तो निराश मत होइए ! क्योंकि अब आप जान चुके हैं कि किसी भी कार्य में सफल होने के लिए मानसिक रूप से मज़बूत होना कितना ज़रूरी होता है और इसके लिए आपको कौनसी आदतों को अपनाने की ज़रूरत है। तो बस, देर किस बात की ! इसी समय से अपने बीते कल से सीखिए, आज अपने वर्क और लाइफ में बैलेंस बनाइये और यकीन रखिये कि आपका फ्यूचर आपके अपने हाथ में हैं और बन जाइये ऐसी सफल शख्सियत जो मानसिक रूप से मज़बूत भी है।

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