मायोपिया क्‍या होता है?

मायोपिया क्‍या होता है? मायोपिया (निकटदृष्टि दोष) एक आम नेत्र रोग है जिसमें पास की वस्तुओं को देखना आसान होता है जबकि दूर की वस्तुएं धुंधली दिखाई देने लगती है। जब आँख में जाने वाली प्रकाश की किरणें रेटिना के बजाये, रेटिना के सामने केंद्रित होती हैं तो मायोपिया हो जाता है यानी दूर की वस्तुएं धुंधली दिखना शुरू हो जाता है।

हमारी आँख में दो ऐसे भाग होते हैं जो छवियों पर ध्यान केंद्रित करते हैं – कॉर्निया और क्रिस्टलीय लेंस। एक सामान्य आँख में कॉर्निया और लेंस, आँखों में आने वाली रोशनी को इस तरह मोड़ते हैं कि रेटिना पर, आँखों के पीछे एक स्पष्ट छवि बनती है लेकिन अगर कॉर्निया या लेंस समान रूप से घुमावदार नहीं हो तो प्रकाश की किरणें सही तरीके से नहीं मुड़ पाती हैं और मायोपिया हो जाता है।

मायोपिया आनुवंशिक हो सकता है – अगर माता-पिता में से किसी एक को मायोपिया हो या दोनों मायोपिया से ग्रस्त हों तो संतान में मायोपिया होने की सम्भावना काफी बढ़ जाती है।

मायोपिया के लक्षण क्या है-

  • दूर की वस्तुएं धुंधली दिखाई देना
  • आँखों पर दबाव पड़ने की वजह से सिर दर्द रहना
  • गाड़ी चलाने में दिक्कत महसूस होना खासकर रात में
  • साफ देख पाने के लिए पलकों को थोड़ा बंद करके देखना
  • आँखों को मलते रहना

मायोपिया से बचाव कैसे करें-

  • पर्याप्त रोशनी में पढ़ाई करें
  • किताब को उचित दूरी पर रखकर पढ़ें
  • नजदीक से किये जाने वाले कामों को लगातार करने की बजाए, हर 30 मिनट में ब्रेक लें

मायोपिया का इलाज – मायोपिया के इलाज में लेंस या सर्जरी के ज़रिए प्रकाश को रेटिना पर केंद्रित करना होता है। लेंस से कॉर्निया के घुमाव को सही कर दिया जाता है। लेंस दो तरह के होते हैं – चश्मा और कॉन्टेक्ट लेंस। इसके अलावा सर्जरी के द्वारा भी मायोपिया को दूर किया जा सकता है।

मायोपिया का इलाज करने के लिए डॉक्टर द्वारा आँखों की जाँच करके उपयुक्त विकल्प सुझाया जाता है जिससे आँखों की ये तकलीफ दूर हो जाती है।

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