माइक्रोवेव ओवन खरीदने से पहले ध्यान रखे ये बातें

फरवरी 15, 2018

समय के साथ-साथ खाना बनाने की तकनीक में काफी बदलाव आया है और आज की इस भागदौड़ भरी ज़िन्दगी में खाना बनाने के आसान तरीके को पसंद किया जाता है जिसके जरिये खाना बहुत आसानी से और जल्दी बन जाये। समय की इस मांग को माइक्रोवेव ओवन जैसे उपकरणों ने पूरा भी कर दिया है इसलिए आज माइक्रोवेव ओवन लगभग हर घर में मिलने लगा है। माइक्रोवेव ओवन ने साल 1991 में भारतीय बाजारों में दस्तक दी और अपनी एक खास पहचान बनाने में इसे ज़्यादा समय नहीं लगा। अगर आप भी माइक्रोवेव ओवन लेने के बारे में सोच रहे हैं तो इसे खरीदने से पहले कुछ जरुरी जानकारी लेना आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। तो चलिए, आज आपको बताते हैं माइक्रोवेव ओवन से जुड़ी ऐसी जरुरी बातें, जो आपको सही माइक्रोवेव लेने में मदद करेगी-

इसे बोलचाल की भाषा में सिर्फ माइक्रोवेव ही कहा जाता है। ये एक इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव है। इसके कई विकल्प बाजार में उपलब्ध होते हैं-

सोलो माइक्रोवेव या कन्वेंशनल माइक्रोवेव – बाजार में मिलने वाले इस प्रकार के माइक्रोवेव की कीमत कम होती है। इनमें खाना बनाया और गर्म किया जा सकता है। साथ ही फ्रोजन फूड को डिफ्रोस्ट भी किया जा सकता है।

ग्रिल माइक्रोवेव – सोलो माइक्रोवेव से बिलकुल अलग है ग्रिल माइक्रोवेव जो बेकिंग, ग्रिलिंग और टोस्टिंग जैसे कई और काम भी करता है।

कन्वेक्शन माइक्रोवेव – इस माइक्रोवेव का इस्तेमाल बारबेक्यू सहित बाकी सभी तरह का खाना पकाने के लिए किया जाता है। ये माइक्रोवेव बाकी दोनों माइक्रोवेव की तुलना में महंगा है।

कन्वेंशनल और कन्वेक्शन में अंतर – कन्वेंशनल माइक्रोवेव ओवन हॉट माइक्रो वेव्स यानी तरंगें पैदा करता है जो खाने को पकाने के लिए ग्लास और प्लास्टिक के कंटेनरों से गुजरती है। इसमें बेसिक माइक्रोवेव टेक्नोलॉजी को रेडियंट हीट के साथ जोड़ा जाता है और ओवन में रखे गए खाने को गर्म करने के लिए गर्म हवा छोड़ी जाती है जबकि कन्वेक्शन माइक्रोवेव में गर्म हवा को ओवन में फैलाने के लिए एक हीटिंग एलिमेंट के साथ फैन भी मौजूद होता है जिससे खाना एकसमान रूप से पकता है।

आइये, अब जानते हैं कि माइक्रोवेव खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखा जाना चाहिए-

साइज – माइक्रोवेव कई साइज में उपलब्ध होते हैं जिसे जरुरत के अनुसार चुना जाना चाहिए। परिवार में 2-3 सदस्य हो तो छोटा साइज (18-20 लीटर) लेना अच्छा रहेगा जबकि बड़े परिवार के लिए मिड साइज माइक्रोवेव (20-23 लीटर) काफी पसंद किया जाता है।

कंपनी – LG, सैमसंग, तोशिबा, IFB जैसे ब्रांड माइक्रोवेव बनाते हैं और माइक्रोवेव खरीदते समय आपको वारंटी और ब्रांड की सेल सर्विस को ध्यान में रखना होगा।

ऑटोमेटिक सेंसर – ऑटोमेटिक सेंसर वाले ओवन ऑटोमेटिक बंद हो जाते हैं क्योंकि सेंसर के अनुसार जब पूरा खाना पक जाता है तो ओवन बंद हो जाता है और खाना ज़्यादा पकने से बच जाता है।

कण्ट्रोल पैनल – अगर मैकेनिकल या मैकेनिकल और टच कण्ट्रोल पैनल के साथ माइक्रोवेव खरीदेंगे तो बेहतर होगा। टच पैनल का इतना सफल इस्तेमाल नहीं हो पाता है इसलिए आजकल ज़्यादातर कंपनियां माइक्रोवेव के लिए मैकेनिकल कंट्रोल पैनल उपलब्ध करवाने लगी हैं।

पावर रेटिंग – पावर रेटिंग अगर हाई है तो खाना पकने में समय कम लगेगा। बड़े साइज के माइक्रोवेव अधिकतर 1000-1600 वाट की पावर का इस्तेमाल करते हैं जबकि छोटे साइज के माइक्रोवेव 800-1000 वाट तक की पावर का उपयोग करते हैं।

चाइल्ड सेफ्टी लॉक – अगर आपके परिवार में छोटे बच्चे शामिल हैं तो इस फीचर का ज़रूर ध्यान रखें क्योंकि ओवन में लगा ये इलेक्ट्रिक लॉक सिस्टम किसी प्रकार की दुर्घटना होने से बचाव करता है।

दोस्तों, इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए, आप अपने घर के लिए एक बेहतरीन और उपयुक्त माइक्रोवेव बड़ी आसानी से खरीद सकेंगे जो आपके बजट के अनुसार कई कीमतों में ऑनलाइन और ऑफलाइन उपलब्ध है। उम्मीद है कि ये जानकारी आपके लिए फायदेमन्द साबित होगी।

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