माइग्रेन से छुटकारा दिलाए ये उपाय

जुलाई 7, 2017

आजकल की अव्यवस्थित जिंदगी और असंतुलित खान-पान कई बीमारियों का कारण है जिसके परिणाम स्वरूप जाने-अनजाने माइग्रेन जैसी बीमारी का भी शिकार हो जाते है। भागती-दौड़ती जिंदगी में लोग अपनी सेहत का पूर्णरूप से ध्यान नहीं रख पाते। जिसके परिणाम में थकान, तनाव, अनिद्रा, भूख ना लगना, उच्च रक्तचाप, आँखों में जलन या दर्द, अपच, गैस, चक्कर आना आदि समस्या शरीर को घेर लेती है। माइग्रेन भी इन्हीं समस्या का परिणाम है। इसमें विशिष्ट प्रकार का सर दर्द होता है। इसके मुख्य लक्षण में उल्टी, आँखों के आगे धूंधलापन, आधे सिर में तेज दर्द है। इस समस्या से ग्रस्त लोगों को नियमित सिरदर्द के दौरे पड़ते है। प्रत्येक व्यक्ति में इस रोग के अलग-अलग कारण व लक्षण होते है। इस दर्द का वैज्ञानिक कारण क्या है इसका अभी तक पता नहीं चला है। लेकिन कुछ कारण व लक्षण की पहचान कर इस दर्द को कंट्रोल किया जा सकता है। यह समस्या आनुवांशिक भी हो सकती है। कई बार यह दर्द अचानक से शुरू होकर अपने आप ही ठीक भी हो जाता है। माइग्रेन से डरने की कोई जरूरत नहीं है। यह कोई लाइलाज बीमारी नहीं है। बस कुछ सावधानी, संतुलित आहार और डॉक्टर की दवा से माइग्रेन से छुटकारा पाया  जा सकता है। आइये जानें माइग्रेन की समस्या में क्या खाये और क्या ना खाये।

माइग्रेन में क्या ना खाए – डिब्बाबंद पदार्थों और जंक फूड में कुछ ऐसे रासायनिक तत्व पाए जाते है जिससे माइग्रेन और खतरनाक हो जाता है। इसके अलावा अपने आहार में चॉकलेट, सोया उत्पाद, शराब, कैफिन, पनीर, वसा युक्त पदार्थ, खट्टे फल, बासी भोजन, तला हुआ भोजन, अधिक नमक आदि का सेवन कम करे और संभव हो तो ना करे।

माइग्रेन में क्या खाए – हाईड्रेटेड रहने के लिए पूरे दिन में 7 से 8 गिलास पानी, पोष्टिक भोजन, मैग्निशियम से युक्त हरी पत्तेदार सब्जी, ताजा भोजन, ओमेगा 3 फैटी एसिड, विटामिन बी आदि चीजों को अपने आहार में शामिल करने की कोशिश करे। वेजिटेबल जूस व सूप पिए। गाजर, खीरा व मौसमी फल खाए। रात को हल्का व फाइबर युक्त भोजन ले। पेट को साफ रखे। गुनगुने पानी का सेवन अधिक करे, इससे पाचन तंत्र सही रहता है। भूखे कभी ना रहे। नियमित समय पर भोजन करे और सरदर्द की संभावना से खुद को बचा के रखे।

आइये जानें कुछ घरेलू नुस्खे व उपाय जिससे माइग्रेन का दर्द दूर हो-

सोने-उठने का एक सही नियम बनाए। रात की नींद अच्छी ले और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाए। डॉक्टरी इलाज के साथ संतुलित आहार अनिवार्य है। शारीरिक कारणों से अगर माइग्रेन बढ़ रहा है तो आपको ध्यान देना होगा किन तत्वों की कमी या अधिकता इस दर्द को बढ़ावा दे रहा है। अपने शरीर से होने वाले एलर्जिक प्रक्रिया को समझे और ऐसे आहार से बचे जिससे माइग्रेन को बढ़ावा मिलता हो। समस्या की पहचान आपको ही करनी होगी तभी सही चिकित्सक इलाज संभव है। माइग्रेन की समस्या आने पर अंधेरे कमरे में आराम करे, तनाव ना लें, आँखों पर दबाव ना लें और अपने मन से हर बार दर्द निवारक गोली का सेवन ना करे। बल्कि अच्छे न्यूरोलाजिस्ट के संपर्क में रहकर बताए गये निर्देशों के अनुसार दवा का सेवन करे।

माइग्रेन का उचित इलाज हो सके उसके लिए डॉक्टर से सलाह जरूर ले। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से अच्छा कोई मार्गदर्शक नहीं होता। क्योंकि आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है। हमने जानकारी के आधार पर सिर्फ ज्ञानवर्धक जानकारी आपसे साझा की है। किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपनी सूझ-बुझ का इस्तेमाल हमेशा करे। सदैव खुश रहे और स्वस्थ रहे।

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