किसी ना किसी मौके पर मिठाइयां बनती ही रहती है और अगर फेस्टिवल सीजन हो तो चारों तरफ मीठे व्यंजनों की ही धूम रहती है। ऐसे में कई बार हम बाजार से मिठाई ले आते हैं तो कभी बाजार से मावा लाकर घर में ही मीठे पकवान बनाते हैं लेकिन बीते कुछ सालों से बाजार में नकली मावा मिलने लगा है जिसका इस्तेमाल करने से सेहत को भारी नुकसान होता है। ऐसे में ये जानना जरुरी है कि मावा असली है या नहीं। तो चलिए, आज आपको बताते हैं मिलावटी मावे की पहचान के कुछ ऐसे आसान तरीके, जिनकी मदद से आप तुरंत पहचान लेंगे कि मावा असली है या मिलावटी।

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मावे को गोल आकार देकर इस पर आयोडीन टिंचर की 2 बूंदें डालें। 5 मिनट बाद देखें, अगर मावे पर डाली गयी आयोडीन टिंचर का रंग केसरिया ही बना रहता है तो मावा शुद्ध है लेकिन अगर मावा काला पड़ने लगता है तो उसमें मिलावट की गई है।

मावे या खोये को अपने अंगूठे के नाखून पर रगड़ें। अगर मावा असली होगा तो उसमें से घी की महक आएगी जो काफी देर तक बनी रहेगी।

मावे में थोड़ी चीनी मिलाकर गर्म करिये। अगर मावा नकली होगा तो पानी छोड़ देगा।

मावा अगर असली होगा तो मुँह में चिपकेगा नहीं जबकि नकली मावा मुँह में चिपक जाएगा।

मावे को पानी में डालकर फेंटने से अगर वो दानेदार टुकड़ों में अलग हो जाए तो मावे में मिलावट है।

असली मावे का स्वाद कच्चे दूध जैसा आता है जबकि मिलावटी मावा कसैला स्वाद देता है।

अपनी हथेली पर मावे की गोली बनाइये। अगर गोली फटने लगे तो मावा मिलावटी है।

नकली मावा बनाने के लिए शकरकंद, सिंघाड़े का आटा, आलू और मैदा का इस्तेमाल किया जाता है। इसका वजन बढ़ाने के लिए इसमें आटा भी मिला दिया जाता है और असली मावे जैसा रुप देने के लिए कुछ केमिकल्स भी मिला दिए जाते हैं। ऐसे मावे से बने व्यंजन खाने से फूड पॉइजनिंग हो सकती है और लीवर और किडनी पर भी बुरा असर पड़ सकता है।

“आँख का वजन कितना होता है?”