मिर्च खाने पर जलन क्यों होती है?

खाने में मिर्च का तीखापन ना मिले तो स्वाद अधूरा सा लगता है लेकिन अगर मिर्च ज्यादा हो जाये तो मुँह में जलन भी होने लगती है लेकिन क्या आपने कभी ये सोचा कि मिर्च खाते ही हमारे मुँह में जलन क्यों होने लगती है और अगर मिर्च हमारी स्किन या आँखों पर लग जाए तो जलन को सहन करना और भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में क्यों ना, आज ये जाने कि आखिर मिर्च इतनी तीखी क्यों होती है जिसे खाते ही जलन होने लगती है। तो चलिए, आज जानते हैं मिर्च से जुड़ा ये तीखा राज़।

मिर्च में कैप्साइसिन कम्पाउंड पाया जाता है जो मिर्च के तीखेपन के लिए जिम्मेदार होता है। मिर्च की इनर रिब में इसकी मात्रा ज्यादा होती है। ये कैप्साइसिन जीभ और स्किन पर पायी जाने वाली नर्व्स पर असर करता है। इसके कारण हमें जलन और गर्मी का अहसास होता है।

ये कैप्साइसिन ब्लड में ऐसा केमिकल रिलीज करता है जो दिमाग को गर्मी और जलन का सिग्नल भेजता है। मिर्च का तीखापन नापने के लिए Scoville Heat Unit इस्तेमाल की जाती है। 1912 में विल्बर स्कोविले ने इस यूनिट को ईजाद किया था।

मिर्च में मिलने वाला कैप्साइसिन भले ही जलन पैदा करता हो लेकिन इसका ज्यादा इस्तेमाल करने की स्थिति में शरीर के टिश्यूज को परमानेंट डैमेज नहीं करता है।

मिर्च लगने पर अगर आप भी तुरंत पानी पीने के लिए भागते हैं तो ये जानना जरुरी है कि मिर्च का तीखापन पानी से दूर नहीं होता है यानी पानी पीने से मिर्च की जलन कम नहीं हो पाती है क्योंकि मिर्च में मौजूद कैप्साइसिन कम्पाउंड पानी में घुलनशील नहीं होता है इसलिए मिर्च खाने से जलन लगने पर दूध, दही, शक्कर या शहद का सेवन करना चाहिए।

दोस्तों, उम्मीद है कि मिर्च से जुड़ा ये तीखा राज़ आपको पसंद आया होगा और अगली बार मिर्च खाने पर आपके लिए मददगार भी साबित होगा।

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