भारत के सबसे खतरनाक डाकू

आज की पीढ़ी ने डाकुओं का जिक्र सिर्फ फिल्मों में ही सुना होगा इसी वजह से हमने तय किया है कि हम आपको भारत के सबसे खतरनाक डाकू के बारे में बताएंगे। तो चलिए इन डाकूओं के बारे में विस्तारपूर्वक जानते हैं जिन्होंने पुलिस से लेकर प्रशासन तक सब की नाक में दम किया हुआ था।

डाकू मानसिंह – डाकू मानसिंह आगरा का जन्म आगरा के पास खेरा राठौर नाम के गांव में राजपूत परिवार में हुआ था। यह डाकू गरीबों के बीच में काफी मशहूर था। वह अमीरों से पैसे चुराता था और गरीबों को बांट देता था इस डाकू की मौत 1955 में हुई थी उसे फांसी दी गई थी।

वीरप्पन – केरल और तमिलनाडु के जंगलों में वीरप्पन का दबदबा काफी सालों तक जमा रहा। वीरप्पन के पास खुद की डकैतों की फौज की जिसके सहारे वह लंबे समय तक मिलिट्री से बचा रहा वीरप्पन के ऊपर 920000$ का इनाम रखा गया था और सन 2004 में उसकी मौत पुलिस द्वारा किए गए एनकाउंटर में हो गई।

निर्भय सिंह गुर्जर – चंबल के डाकुओं में बहुत बड़ा नाम है निर्भय सिंह गुर्जर। इस डाकू ने कुल 70 से लेकर 75 डकैतियां की हैं जिसमें इसने एके-47 जैसी राइफलों का इस्तेमाल किया है। इस डाकू के पास नाइट विजन दूरबीन बुलेटप्रूफ जैकेट और ढेर सारे मोबाइल फोन थे 2005 में पुलिस ने निर्भय सिंह गुज्जर को एनकाउंटर में मार गिराया।

सुल्ताना डाकू – यह डाकू भी गरीबों के बीच काफी मशहूर था पश्चिमी मीडिया ने इसे रोबिन हुड का नाम भी दिया था। यह अमीरों से पैसे और चीजें लूट लेता था और उसे गरीबों में बांट देता था इसे ब्रिटिश सरकार ने नजीबाबाद में फांसी भी दे दी थी।

फूलन देवी – भारत की सबसे मशहूर डाकू फूलन देवी हालातों के कारण बंदूक उठाने पर मजबूर हुई थी इससे जुड़ी कई डॉक्यूमेंट्री और फिल्में बाजार में और समाचार पत्रिकाओं में आई थी सन 2001 में एक अज्ञात व्यक्ति ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी थी।

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