स्मार्टफोन को लेकर अक्सर लोगों में रहती हैं ये गलत फहमियां

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स्मार्टफोन को लेकर अक्सर ज्यादातर लोग कई गलतफहमियां रखते हैं लेकिन सही मायनों में वो बातें सच नहीं हैं बल्कि मिथ हैं। आइये जानते हैं स्मार्टफोन से जुडी कुछ कॉमन मिथ जिन्हे हम मानते हैं सच।

1. Myth – ज्यादा मेगापिक्सल वाला कैमरा करता है बेहतर फोटोग्राफी

Fact – दरअसल फोटो की क्वालिटी कैमरे की शटर स्पीड और अपर्चर के कारण बेहतर होती है ना की ज्यादा मेगापिक्सेल कारण। मेगापिक्सल तब फायदेमंद होता है जब फोटो को बड़ी शीट पर प्रिंट करना हो।

2. Myth – फ़ोन की स्क्रीन को सुरक्षित रखने के लिए जरुरी है स्क्रीन प्रोटेक्टर।

Fact – दरअसल हर फ़ोन के लिए जरुरी नहीं है स्क्रीन प्रोटेक्टर, जिन स्मार्टफोन में पहले से ही कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास और स्क्रीन प्रोटेक्शन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया हो उसे स्क्रीन प्रोटेक्टर की जरुरत नहीं है।

3. Myth – चार्ज करते समय फ़ोन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए

Fact – अक्सर ये माना जाता है की चार्जिंग के दौरान फ़ोन के इस्तेमाल से फ़ोन गर्म हो जाता है। लेकिन फ़ोन का गर्म होना उसके सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर पर निर्भर होता है। चार्जिंग के दौरान फ़ोन के इस्तेमाल से फ़ोन पर कोई फर्क नहीं पड़ता।

4. Myth – पूरी रात चार्जिंग पर लगाने से बैटरी ख़राब हो जाती है।

Fact – अक्सर ये माना जाता है की पूरी रात अगर फ़ोन को चार्जिंग पर लगाकर छोड़ दिया जाए तो फ़ोन की बैटरी पर असर पड़ता है वो ख़राब हो जाती है। लेकिन असल में ऐसा नहीं है फुल चार्ज होने पर चार्जर की पावर कट हो जाती है।

5. Myth – फ़ोन से कई तरह की खतरनाक रेडिएशन निकलती हैं इसलिए फ़ोन को शर्ट या पेंट की जेब में नहीं रखना चाहिए।

Fact – दरअसल मोबाइल कंपनियों को किसी भी हैंडसेट को मार्केट में उतारने से पहले SAR (स्पेसिफिक एब्जॉर्प्शन रेटिंग) टेस्ट पास करना होता है। जिसमे ये देखा जाता है की हैंडसेट से कोई खतरनाक रेडिएशन तो नहीं निकल रही, इसके बाद ही फ़ोन को मार्केट में उतारने की इजाजत मिलती है।

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