एमफिल क्या है?

हम सभी चाहते हैं कि हायर एजुकेशन लेकर अपने करियर को सही दिशा में आगे बढ़ाये और जिन स्टूडेंट्स का रुझान एजुकेशनल फील्ड में आगे बढ़ना होता है वो बेसिक एजुकेशन के बाद एडवांस डिग्री कोर्सेज करते हैं। ऐसी ही एक डिग्री होती है एमफिल, जिसके बारे में आपको भी जरूर जानना चाहिए ताकि इससे जुड़ी जरुरी जानकारी आपको मिल सके और आगे बढ़ने और सही विकल्प चुनने में मदद भी मिल सके। तो चलिए, आज आपको बताते हैं एमफिल क्या है और एमफिल से जुड़ी जरुरी बातें।

M.Phil की फुल फॉर्म Master Of Philosophy होता है। ये एक शैक्षणिक अनुसन्धान डिग्री कोर्स (Academic Research Degree Course) है जो पोस्ट ग्रेजुएशन यानी स्नातकोत्तर डिग्री लेने के बाद किया जा सकता है। किसी डिस्टेंस लर्निंग प्रोग्राम के जरिये भी एमफिल की डिग्री ली जा सकती है।

एमफिल रिसर्च बेस्ड भी हो सकता है और इसमें पाठ्यक्रम को भी शामिल किया जा सकता है। मास्टर ऑफ फिलोसॉफी (एमफिल) की डिग्री लेने के बाद आगे डॉक्टरेट प्रोग्राम्स (Ph.D) के जरिये रिसर्च स्टडीज जारी रखी जा सकती है।

एमफिल के लिए योग्यता-

एमफिल करने के लिए स्टूडेंट का साइंस, आर्ट्स या इंजीनियरिंग में पोस्ट ग्रेजुएट होना जरुरी होता है।

एमफिल के लिए जिन विषयों को चुना गया हो, उन विषयों में पिछली डिग्री में कम से कम 55% अंक होने अनिवार्य होते हैं।

एमफिल में एडमिशन की प्रक्रिया-

इस कोर्स में एडमिशन लेने के लिए एंट्रेंस एग्जाम देना होता है जिसमें पास होने के बाद इंटरव्यू क्लियर करना होता है।

इंटरव्यू क्लियर करने वाले स्टूडेंट्स एमफिल की 2 साल की पढ़ाई करने के योग्य होते हैं।

NET/SET एग्जाम क्लियर करने वाले स्टूडेंट को एंट्रेंस टेस्ट देने की जरुरत नहीं पड़ती है।

हर संस्था के एंट्रेंस एग्जाम में बदलाव हो सकते हैं और डिस्टेंस एजुकेशन के जरिये एमफिल करने के नियम भी हर संस्था के अलग-अलग हो सकते हैं।

दोस्तों, उम्मीद है कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी।

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