म्यूच्यूअल फंड्स में लॉन्ग टर्म इंवेस्टमेंट्स क्या होते हैं और इसके लाभ

पिछले अंक मे हमने मीडियम टर्म इंवेस्टमेंट्स के बारे में बात की। आज हम लॉन्ग टर्म इंवेस्टमेंट्स के बारे में जानेंगें। यहाँ पर लॉन्ग टर्म से मेरा तात्पर्य 5-7 वर्ष के ऊपर का समय है। जो निवेशक वेल्थ क्रिएशन करना चाहते हैं उनको धैर्य के साथ म्यूच्यूअल फंड्स में लॉन्ग टर्म के लिये निवेश करके बैठ जाना चाहिये। लॉन्ग टर्म के लिये निवेशक को स्मॉल, मिड कैप और लार्ज कैप में निवेश करना चाहिये। उपरोक्त दोनों तरह के इंवेस्टमेंट्स में 100% इक्विटी में निवेश होता है।

100% इक्विटी में निवेश करने से शॉर्ट टर्म में टेम्परेरी लॉस भी हो सकता है लेकिन 7-8 वर्षों में ये 100% संभावना है कि निवेशक खूब अच्छा पैसा कमाये। कारण स्पष्ट है कि शेयर मार्केट की साधारणतः 8-10 वर्षों की साइकिल होती है। एक साइकिल में बाजार सामान्यतः केवल 3-4 वर्षों तक ही तेज रहता है बाकी समय डाउन या अक्क्यूमुलेशन फेज में रहता है। इसीलिये मेरी निवेशकों को स्पष्ट सलाह है कि वेल्थ क्रिएशन के लिये कम से कम एक साइकिल यानि 8-10 वर्षों तक निवेशित ज़रूर रहें। पिछले 20 वर्षों का औसत वार्षिक रिटर्न 17% से 19% है।

क्या आप जानते हैं कि केवल 15% वार्षिक रिटर्न से आपके 100 रूपये 20 वर्षों में 1900 रूपये बन जाते हैं। साथियों लॉन्ग टर्म इंवेस्टमेंट्स का एक ही सिंपल फॉर्मूला है कि 4-6 वर्षों तक अगर मार्केट डाउन या कंसोलिडेशन फेज में है तो अपने इंवेस्टमेंट की वैल्यू देखना ही बन्द कर दें। चूंकि इंवेस्टमेंट का लक्ष्य वेल्थ क्रिएशन करना है तो मंथली बेसिस या इयरली बेसिस पर वैल्यू देखने से क्या होगा? (आजकल तो कुछ इन्वेस्टर्स डेली वैल्यू देखने लगे हैं।) अच्छी वेल्थ हमेशा धैर्य वाले इंवेस्टमेंट्स में ही बनती है।

लार्ज कैप स्टॉक स्टीडी परफॉरमेंस वाले शेयर्स होते हैं। इनमें नुकसान की संभावना प्रायः बहुत कम होती है जैसे एचडीएफसी, एसबीआई, कोल इंडिया, टीसीएस, इंफोसिस, मारुती इत्यादि। लेकिन लार्ज कैप स्टॉक्स लॉन्ग टर्म में मिड कैप या स्मॉल कैप से सामान्यतः अंडर परफ़ॉर्मर होते हैं।

स्मॉल कैप या मिड कैप ही वे शेयर्स होते हैं जो फ्यूचर में लार्ज कैप बनते हैं। (स्मॉलर कंपनीज -> स्मॉल कैप-> मिड कैप-> लार्ज कैप)

चूंकि इनमें ग्रोथ की अपार संभावना होती है इसी कारण लॉन्ग टर्म में ये लार्ज कैप को आउट परफॉर्म करते है। इनके साथ केवल यह नकारात्मक पहलू है कि ये शॉर्ट टर्म में नेगेटिव रिटर्न दे सकते हैं लेकिन बेसिक बात यह है कि लॉन्ग टर्म में ये मार्केट को आउट परफॉर्म करते हैं।

सो निष्कर्ष यह है कि लॉन्ग टर्म में भी डिफेंसिव इन्वेस्टर को लार्ज कैप में इन्वेस्ट करना चाहिये व एग्रेसिव इन्वेस्टमेंट को स्मॉल व मिड कैप में।

कब कौन से सेक्टर/लार्ज कैप/मिड कैप में निवेश करें यह सही जानकारी लेने के लिये आपके पास एक अच्छे फाइनेंशियल डॉक्टर का होना बहुत ज़रूरी है।

आगामी अंकों में हम गोल बेस्ड फाइनेंसियल प्लानिंग यानि रिटायरमेंट फण्ड – चाइल्ड हायर एजुकेशन फण्ड – ईएलएसएस फंड्स के बारे में विस्तार से जानेंगें।

sodhani-1 म्यूच्यूअल फंड्स में लॉन्ग टर्म इंवेस्टमेंट्स क्या होते हैं और इसके लाभये लेख फाइनेंशियल एडवाइजर श्री राजेश कुमार सोढानी, सोढानी इंवेस्टमेंट्स, जयपुर द्वारा प्रस्तुत है। फाइनेंशियल प्लानिंग पर आधारित ये लेख आपको कैसा लगा? अगर इस लेख से आपको कोई भी मदद मिलती है तो हमें बहुत खुशी होगी। अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे। हमारी शुभकामनाएँ आपके साथ है, हमेशा स्वस्थ रहे और खुश रहे।

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