आइये जानते हैं नैनीताल के पर्यटन स्थल के बारे में। उत्तराखंड में स्थित एक खूबसूरत पर्यटन स्थल है नैनीताल, जो अपने तालों के लिए प्रसिद्ध है। इस शहर में बहुत सी झीलें हैं इसलिए इसे झीलों का शहर कहा जाता है।

यहाँ ऐसे बहुत से मनमोहक पर्यटन स्थल मौजूद हैं जो आपको आनंदित कर देंगे। ऐसे में क्यों ना, आज नैनीताल के पर्यटन स्थल के बारे में जाना जाए। तो चलिए जागरूक पर आज नैनीताल की सैर पर चलते हैं।

नैनीताल के पर्यटन स्थल 1

नैनीताल के पर्यटन स्थल

हनुमानगढ़ी – हनुमानगढ़ी धार्मिक यात्रियों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहता है। भगवान हनुमान को समर्पित इस मंदिर में 70 चरणों की चढ़ाई के बाद पहुंचा जा सकता है। इस स्थान से मैदानी क्षेत्र और पहाड़ की चोटियों के कई सुन्दर नज़ारे दिखाई देते हैं। इसके पास एक वेधशाला भी स्थित है। देश की इस महत्वपूर्ण संस्था में नक्षत्रों का अध्ययन किया जाता है।

नैनी झील – नैनीताल का नाम इसी सुन्दर झील के नाम पर पड़ा है। नाशपाती के आकार की ये झील पर्यटकों को आकर्षित करती है। इस झील में बोटिंग का आनंद लेते हुए आप इसके आसपास के खूबसूरत नजारें भी देख सकते हैं।

नैना देवी मंदिर – नैनी झील के उत्तरी किनारे पर स्थित ये मंदिर देवी सती को समर्पित है और इसे 64 शक्तिपीठों में गिना जाता है। ये मंदिर नैनीताल के धार्मिक महत्त्व के स्थानों में विशेष महत्त्व रखता है। कहा जाता है कि जब भगवान शिव देवी सती के अवशेष लेकर जा रहे थे तब इस स्थान पर देवी की आँख गिर गयी थी इसलिए इस मंदिर को नैना देवी मंदिर नाम दिया गया।

गुर्नी हाउस – नैनीताल झील के पास स्थित गुर्नी हाउस एक कॉटेज है जो 1881 में बनाया गया था। ये कॉटेज ब्रिटिश संरक्षणवादी जिम कॉर्बेट के निवास के लिए प्रसिद्ध रहा है।

टिफिन टॉप – नैनीताल से 4 किमी. की ऊंचाई पर बनी पहाड़ी को टिफिन टॉप कहा जाता है। इस स्थान का नाम अंग्रेजी चित्रकार डोरोथी किलेट के नाम पर डोरोथी की सीट भी रखा गया था। डोरोथी इस स्थान पर बैठकर पेंटिंग बनाया करते थे। इस ट्रैकिंग वे से नैनीताल और हिमालयी पहाड़ी के नज़ारे देखे जा सकते हैं और नैनीताल शहर का बेहद खूबसूरत दृश्य भी यहाँ से दिखता है।

नैनी पीक – नैनीताल की सबसे ऊँची चोटी नैनी पीक है जिसे स्थानीय लोगों द्वारा चाइना पीक नाम भी दिया गया है। समुद्र तल से 2,615 मीटर की औसत ऊंचाई पर स्थित ये जगह नैनीताल शहर से 6 किमी. की दूरी पर स्थित है। इस पर्वत चोटी से बर्फ से ढ़के पहाड़ भी दिखाई देते हैं और नैनीताल शहर का बर्ड आई व्यू भी दिखाई देता है।

पंगोट – नैनीताल शहर से 15 किमी. दूर स्थित है पंगोट गांव। ये छोटा-सा गांव पक्षी प्रेमियों का पसंदीदा स्थल है क्योंकि यहां पक्षियों की करीब 150 प्रजातियां रहती हैं। यहाँ ग्रिफॉन, रयूफस बेली वुड पैकर, नीले पंख वाले मिनला, लैमरगेयर्स और खलीज तीतर जैसे पक्षी देखे जा सकते हैं।

मॉल रोड – मॉल रोड नैनीताल की एक प्रसिद्ध रोड है जिसका नाम बदलकर गोविन्द बल्लभ पंत मार्ग रखा गया है। नैनीताल के इस खास पर्यटन स्थल का निर्माण ब्रिटिश शासनकाल में किया गया था। ये स्थान शॉपिंग के लिए एक बेहतरीन स्थान है जहाँ हर तरह की दुकानें मौजूद हैं और मॉल रोड पर टहलते हुए शॉपिंग करना हर पर्यटक को बहुत पसंद भी आता है।

चिड़ियाघर – नैनीताल का एक और प्रसिद्ध स्थान पं जी.बी.पंत उच्च आल्टीटयूट चिड़ियाघर है। समुद्र तल से 2100 मीटर की औसत ऊंचाई पर स्थित इस चिड़ियाघर की स्थापना 1984 में की गयी थी और इसे आम जनता के लिए 1995 में खोला गया था। इस चिड़ियाघर में स्पॉट हिम तेंदुएं, हिल फॉक्स, साइबेरियन टाइगर, पाम सीवेट कैट, वुल्फ और बार्किंग हिरण जैसी कई प्रजातियां देखी जा सकती हैं।

इको केव गार्डन – ये गार्डन नैनीताल के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक है। इस गार्डन में 6 भूमिगत गुफाएं हैं जो सुरंगों के माध्यम से जुड़ी हुयी हैं। इन गुफाओं में से निकलना पर्यटकों को रोमांचित करता है और अँधेरी गुफाओं में से निकलने के बाद, शाम को म्यूजिकल फाउंटेन शो भी आयोजित होता है जो पर्यटकों के रोमांच को बढ़ा देता है।

सात ताल – नैनीताल में 7 तालों की खूबसूरत जगह को सातताल कहा जाता है। नैनीताल से करीब 22 किलोमीटर दूर स्थित ये स्थान अपने खूबसूरत नज़ारों से पर्यटकों का मन मोह लेता है।

उम्मीद है कि झीलों की नगरी नैनीताल के पर्यटन स्थल ये जानकारी आपको रोचक लगी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी।

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