नींद आना एक सहज प्रक्रिया है और हर रात एक निश्चित समय पर हम सोने भी चले जाते हैं और हमें नींद आ जाती है। नींद अगर अच्छी हो तो अगला दिन आसानी से निकल जाता है लेकिन अगर रात की नींद ढ़ंग से पूरी ना हो तो अगला दिन ख़राब हो जाता है क्योंकि बिना अच्छी नींद के किसी भी काम पर ध्यान केंद्रित करना संभव नहीं हो पाता है इसलिए स्वस्थ जीवनशैली का एक बहुत जरुरी अंग अच्छी नींद होती है लेकिन क्या आप जानते हैं कि मनुष्य को नींद क्यों आती है? ऐसे में क्यों ना, आज जानें कि मनुष्य को नींद आने के क्या कारण होते हैं। तो चलिए, आज बात करते हैं नींद के बारे में।

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नींद की प्रक्रिया को समझ पाना न्यूरोसाइंटिस्ट के लिए भी आसान नहीं रहा है। अभी तक हम सोचा करते थे कि मस्तिष्क की जागरूक अवस्था से अचानक हम नींद में कैसे चले जाते हैं लेकिन शोध बताते हैं कि नींद आना कोई अचानक होने वाली घटना नहीं है बल्कि एक धीरे-धीरे होने वाली घटना है।

अध्ययन से पता चला है कि जब हम कमरे की लाइट बंद करके सोने जाते हैं और आँखें बंद करते हैं। उस समय हमारे मस्तिष्क से अल्फा वेव्स निकलती है जो हमें नींद की ओर ले जाती है। इस अवधि में हमारा मस्तिष्क बाहरी दुनिया से अलग हो जाता है और कुछ चरणों से गुजरने के बाद हम गहरी नींद में चले जाते हैं।

चरण 1 में मस्तिष्क की तरंगें धीमी हो जाती हैं जिसे theta band activity कहा जाता है। इस चरण में केवल 10 प्रतिशत लोगों को ही लगता है कि वो सो रहे हैं।

चरण 2 को non-REM (rapid eye movement) sleep कहा जाता है। इस चरण की शुरुआत में अचानक नींद आ जाती है लेकिन इस दौरान अचानक आँख खुल भी जाती है।

चरण 3 और 4 को slow wave sleep कहा जाता है। इस स्टेज के दौरान REM sleep स्टेज में चले जाते हैं। इस अवस्था में सपने आते हैं। 90 प्रतिशत लोगों का कहना है कि उन्हें नींद का अनुभव इन दो चरणों में ही होता है।

“आँख का वजन कितना होता है?”