आपकी उम्र बताएगी कितनी देर सोएँ आप?

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जीवन की बुनियादी जरूरतोँ मेँ रोटी, कपडे और घर को ही शामिल किया जाता है, लेकिन पर्याप्त नीन्द लेना भी एक स्वस्थ जीवन की एक मूलभूत आवश्यकता है। वर्तमान युग मेँ, लोग वर्कलोड के चलते नीन्द की अनदेखी कर देते हैँ जिसके गंभीर परिणाम उन्हेँ जल्द ही दिखने लग जाते हैँ। इसलिए हमेशा एक बेहतर व पर्याप्त नीन्द लेँ। अब सवाल यह उठ्ता है कि आपको स्वस्थ रहने के लिए कितनी देर की नीन्द लेनी चाहिए। अक्सर लोग कहते हैँ कि मनुष्य को आठ से दस घंटे की नीन्द लेनी चाहिए। लेकिन शायद आपको न पता हो कि आपके लिए पर्याप्त नीन्द के घंटे आपकी उम्र पर निर्भर करते हैँ।

समझेँ स्लीपिंग साइकल

अगर आप अपनी उम्र व नीन्द के बीच के रिश्ते को समझना चाहते हैँ तो सबसे पहले आपको स्लीपिंग साइकल को समझना होगा। शायद आपको पता न हो लेकिन उम्र के हर पडाव पर हमारे नीन्द के घंटे व उसे पूरा करने का तरीका बदल जाता है। मसलन, एक नवजात शिशु 17 से 18 घंटे सोता है, वही बच्चा जब एक-दो साल का हो जाता है तो उसके नीन्द के घंटे घटकर 12 से 14 घंटे ही रह जाते हैँ। ठीक इसी प्रकार, वयस्क व बूढे व्यक्ति करीबन 8 से 10 घंटे तक सोते हैँ।

बदल जाता है तरीका

उम्र के बढने के साथ-साथ सिर्फ नीन्द के घंटे ही प्रभावित नहीँ होते, बल्कि पूरी नीन्द लेने का तरीका भी बदल जाता है। जहाँ एक नवजात शिशु एक बार मेँ दो-तीन घंटे सोकर फिर कुछ क्षणोँ के लिए उठ जाता है। बाद मेँ दोबारा वह दो-तीन घंटे के लिए सोता है। वहीँ बच्चा जब एक या दो साल का होता है तो उसके नीन्द के घंटे कम हो जाते हैँ लेकिन अंतराल बढ जाता है। अब बच्चा बार-बार न सोकर दिन मेँ एक बार चार-पांच घंटे सोता है तथा शेष नीन्द वह रात्रि मेँ एक बार मेँ ही पूरी करता है। वहीँ व्यस्क भी रात्रि के समय एक बार ही नीन्द लेते हैँ। जो लोग एक बार नीन्द नहीँ ले पाते, उनके लिए दिन के समय छोटे-छोटे पावर नैप लेना अच्छा रहता है। इससे वह फ्रेश फील करते हैँ। बुजुर्गोँ को भी आठ-दस घंटे की ही नीन्द चाहिए होती है लेकिन अक्सर दिन मेँ दो-तीन घंटे सोने के बाद वह रात्रि मेँ पांच-छह घंटे सोते है और उन्हेँ लगता है कि उनकी नीन्द कम हो रही है।

नहीँ घटती नीन्द

आमतौर पर लोग मानते हैँ कि उम्र बढने के साथ-साथ नीन्द घटने लगती है। लेकिन यह सिर्फ एक मिथ है। दरअसल, लोग ऐसा इसलिए सोचते हैँ क्योंकि समय के साथ उनकी नीन्द का पैटर्न चेंज होने लगता है। मनुष्य की नीन्द तब तक कम नहीँ हो सकती, जब तक उससे इससे सम्बन्धित कोई बीमारी न हो। यह सच है कि बच्चोँ को व्यस्क की तुलना मेँ अधिक नीन्द की आवश्यकता होती है, लेकिन एक व्यस्क व बुजुर्ग व्यक्ति आठ से दस घंटे की ही नीन्द लेते हैँ। अगर आपको ऐसा लगता है कि उम्र के साथ आपकी नीन्द कम हो रही है और आपको रात मेँ नीन्द नहीँ आती, तो पूरे दिन मेँ अपने नीन्द के घंटोँ का हिसाब लगाइए। अगर आप आठ घंटोँ से भी कम सो रहे हैँ तो एक बार चिकित्सक से सलाह अवश्य लेँ।

आपको यह लेख कैसा लगा? अगर इस लेख से आपको कोई भी मदद मिलती है तो हमें बहुत खुशी होगी। अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे। हमारी शुभकामनाएँ आपके साथ है, हमेशा स्वस्थ रहे और खुश रहे।

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