ओट्स के फायदे

सितम्बर 13, 2018

ओट्स! एक ऐसा नाश्ता जिसे आज भला कौन नहीं जानता। इसे हिन्दी में जई के नाम से भी जानते है। इसकी खेती सबसे पहले स्कॉटलैंड में हुई थी इसीलिए यह वहाँ का प्रमुख आहार भी है। वर्तमान में इसकी खेती प्रचुर मात्रा में पंजाब और हरियाणा में भी की जा रही है। बहुत पहले इंसान अपनी सेहत को लेकर इतने जागरूक नहीं हुआ करते थे। इसलिए ओट्स की कच्ची फसल को जानवर ही खा लेते थे। जानकारी की कमी के कारण आज भी कई लोग इसे जानवरों का ही भोजन मानते है। पर अब ऐसा नहीं है ओट्स को कई तरह से प्रोसेसस्ड करके इंसानों के लिए खाने लायक बनाया गया है। बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए इसके कई प्रकार मार्केट में उपलब्ध है। तो चलिए जानते हैं ओट्स के फायदे क्या-क्या है।

इसमें इतनी एनर्जी होती है की इसे नाश्ते में लेना बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। कहा जाता है ओट्स को दूध में बनाकर लेने से प्रोटीन की मात्रा भी अधिक मिलती है। ओट्स कैल्शियम, जिंक, मैग्नीज, आयरन, विटामिन-बी और ई, फाइबर, फॉलिक एसिड, फॉस्फोरस का अच्छा स्त्रोत है। इसमें पाया जाने वाला बीटा ग्लूकैन एक ऐसा फाइबर है जो जल में आसानी से घुल जाता है जिससे इसे पचाने में कोई दिक्कत नहीं आती। इसीलिए इसे नाश्ते का मुख्य आहार माना गया है प्रचुर फाइबर युक्त होने के कारण इसे लेने के बाद जल्दी भूख नहीं लगती और एनर्जी बनी रहती है। यह अनाज की श्रेणी में ही आता है क्योंकि इसे जई (जौ की प्रजाति का पौधा) से ही बनाया जाता है। इसमें गुलेटिन नहीं होता। अगर आप गुलेटिन फ्री आहार के आदि है तो इसे खरीदते वक्त ध्यान दे। जहाँ तक संभव हो फ्लेवर ओट्स की बजाय सादे ओट्स ले और इसे घर पर ही तैयार करे।

इसकी पौष्टिकता को देखते हुए स्वास्थ्य सलाहकार क्यों इसे नाश्ते का सबसे अच्छा विकल्प मानते है आईए जाने ओट्स के फायदे क्या-क्या है।

ओट्स के फायदे-

  1. मोटापा – प्रोटीन युक्त होने के कारण इसे खाने के बाद जल्दी से भूख नहीं लगती। इसलिए समय की कमी वाले लोगो के लिए यह उत्तम आहार है। कम फैट और कम कैलोरी कंटेंट की वजह से यह मोटापा घटाने का उत्तम फार्मूला है।
  2. हृदय के लिए – ओट्स में मौजूद घुलनशील फाइबर की वजह से ब्लड में कोलेस्ट्रॉल का स्तर सही रहता है। इसमें पाया जाने वाला एंटीऑक्सीडेंट विटामिन सी के साथ मिलकर एल डी एल (बुरा कोलेस्ट्रॉल) के स्तर को कम करता है। जिसकी वजह से दिल की बीमारियों का खतरा कम हो जाता है।
  3. हाई बी पी – यह समस्या कई बीमारियों की जननी है। हृदय के लिए तो हाई बी पी को सबसे खतरनाक माना जाता है। इसलिए हाई बी पी वालो को ओर्गेनिक ओट्स का सेवन करना चाहिए। दैनिक आहार में नियमित सेवन करने से हाई बी पी की दवा को भी कम किया जा सकता है। ओट्स के रोजाना सेवन से उच्च रक्तचाप कंट्रोल में रहता है जिस कारण दिल की समस्या होने का खतरा भी 22 % कम हो जाता है।
  4. रोग प्रतिरोधक क्षमता – साबूत अनाज में ओट्स को मिलाकर खाने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। ओट्स में मौजूद फाइबर से पाचन तंत्र को भी बल मिलता है। हमारे शरीर की प्रतिरक्षा कोशिकाएं ओट्स में मौजूद बीटा-ग्लूकॉन को अवशोषित कर व्हाइट ब्लड सेल को शरीर से बाहर कर बीमारियों से बचाती है। ओट्स में प्रचुर मात्रा में सेलेनियम और जिंक पाया जाता है जो संक्रमण से लड़ने में सहायक है। ओट्स का सेवन घाव भरने में और एंटीबायोटिक्स के असर को भी बेस्ट बनाता है।
  5. मधुमेह – ओट्स में मौजूद कार्बोहाइड्रेट एनर्जी प्रदान करता है और फाइबर अधिक होने के कारण यह धीरे हजम होता है। जिसकी वजह से रक्त में शुगर संतुलित रहता है। रिसर्च के अनुसार ओट्स का रोजाना सेवन टाइप 2 डायबिटीज को रोकने में बहुत ही फायदेमंद है। बाजार में मिलने वाले फ्लेवर ओट्स में शुगर की मात्रा अधिक होती है इसलिए मधुमेह के रोगी सादे ओट्स को लाकर घर में बना के खाए।
  6. कैंसर – एक स्टडी के अनुसार ओट्स में एवेंन्थ्रामाइड नामक एक विशेष यौगिक होता है जो कैंसर पैदा करने वाली कोशिकाओं को बढ़ने से रोकता है। ओट्स में फाइटोकेमिकल्स और एंटीऑक्सीडेंट प्रचुर रूप में होता है जो रेक्टल और कोलोन कैंसर की रोकथाम में बहुत ही सहायक है। इसलिए ओट्स का चुनाव करते वक्त अच्छी किस्म का ध्यान जरूर रखे।
  7. डिप्रेशन – ओट्स में फाइबर और मैग्नीशियम की मात्रा अच्छी होने के कारण इसके सेवन से दिमाग़ में सेरोटोनिन का स्तर बढ़ता है जिससे दिमाग शांत और प्रशन्न रहता है। दिमाग की अच्छी स्थिति से नींद भी भरपूर आती है। अच्छी नींद से तनाव जैसी समस्या मुक्ति पाई जा सकती है। अगर आपको ब्लुबेरी, चेरी जैसा कोई भी फल पसंद है तो आप अपने ओट्स में जरूर शामिल कीजिए क्योंकि ऐसे फलों में ऐंटि-ऑक्सिडेंट और विटामिन की मात्रा अच्छी होती है जो तनाव को दूर करने में बहुत ही सहायक है।
  8. कब्ज – ओट्स में प्रचुर मात्रा में अघुलनशील और घुलनशील तत्व होते है। घुलनशील तत्व आंत और मलाशय की प्रणाली को मजबूत बनाते है और अघुलनशील तत्व मल को भारी बनाकर मल को बाहर निकालने की प्रक्रिया को सरल बनाता है। इसलिए रोजाना ओट्स का सेवन कब्ज से निजात दिलाने में बहुत सहायक है।

इसके अलावा भी ओट्स के फायदे है। बढ़ते प्रदूषण के कारण आजकल बच्चों में भी अस्थमा जैसी शिकायत रहने लगी है। अगर आप रोजाना बच्चों को ओट्स खिलाए तो अन्य समस्याओं के साथ-साथ अस्थमा से भी बचा जा सकता है। इसके अलावा इसके नियमित सेवन से बाल अच्छे होते है और त्वचा में चमक आती है। क्योंकि ओट्स त्वचा को नमी देता है और रुखेपन को दूर करता जिससे जलन-खुजली जैसी समस्या दूर होती है। सौंदर्यता को बनाए रखने के लिए एक चम्मच ओट्स को कच्चे दूध में भिगोकर चेहरे पर लगाए। त्वचा ग्लोयिंग हो जाएगी। ओट्स का सेवन मांसपेशियों के निर्माण में बहुत सहायक है। इसका सेवन आप किसी भी आहार के साथ कर सकते है जैसे दलिया, खिचड़ी, सब्जी, चपाती आदि। नाश्ते के रूप में इसका सेवन अधिक फायदेमंद माना जाता है। कम फैट और पौष्टिकता से भरपूर ओट्स के लिए किसका इंतजार कर रहे है! आज से ही पोषण भरा ओट्स का एक कटोरा स्वयं भी खाए और अपनों को भी खिलाए। ओट्स के फायदे के बारे में आप अपने चिकित्सक से सलाह ले सकते हैं।

निर्देश – जिन व्यक्तियों के दाँत नहीं है या फिर जिन्हें पेट की समस्या बनी रहती है या जो लोग आँतों की समस्या से पहले से ही पीड़ित है उन्हें ओट्स या ओट्स से बनी चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए। फिर भी अगर आप ओट्स लेना चाहते है तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर ले। जिससे आपको यह पता चलेगा की किस अनुपात में ओट्स का सेवन सही है।

स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए ओट्स के फायदे से वंचित ना रहे। खान-पान की चीजों का चुनाव सही और उचित करे। सदा एक्टिव रहें। कहा जाता है कि व्यक्ति के एक्टिव रहने से उसके कई रोग दूर हो जाते हैं। क्योंकि सक्रियता आपके जीवन को नियंत्रित करती है। जिससे कई बीमारियां आपसे दूर रहती है। अपनी सूझ-बुझ का इस्तेमाल करते हुए आज से ही अपनी सेहत के प्रति सक्रियता और खुशी को अपनाएं और ओट्स का सेवन शुरू करे। हमेशा स्वस्थ रहे और खुश रहे।

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