ओलंपिक गोल्ड मेडल असली गोल्ड मेडल नहीं होता

ओलंपिक गोल्ड मेडल असली गोल्ड मेडल नहीं होता। अभी हाल ही में रियो ओलंपिक शुरु हुआ है जिसके लिए हमारे देश के कई खिलाड़ी प्रतिभागी के रुप में वह हिस्सा ले रहे हैं। सबकी आशा है कि वह गोल्ड मेडल जीते लेकिन क्या आप जानते हैं कि खिलाड़ियों को जो गोल्ड मेडल दिया जाता है वह सही में गोल्ड मैडल नहीं होता। लेकिन यह कहना भी गलत होगा कि यह सोने का नहीं बना होता इसके अंदर सोने की कुछ मात्रा होती है। लेकिन वह बहुत ही कम होती है तो चलिए इस तथ्य के बारे में विस्तारपूर्वक जानते हैं।

यह माना जाता है कि 1968 में मेक्सिको में हुए ओलंपिक खेलों मैं मेडल करीबन साढे 6 मिलीलीटर मोटे और 65.8 मिलीलीटर चौड़े हुआ करते थे। जिनका वजन करीब 175.5 ग्राम होता था। उसके बाद में लंदन ओलंपिक में इन मेडल्स का वजन और मोटाई को बढ़ाया गया। अगर आपको सीधे शब्दों में बताया जाए तो इस सोने के मेडल में 6 ग्राम ही सोना होता है। बाकी धातु चांदी और तांबा होते हैं जिसकी कीमत अगर लगाई जाए तो करीब 24467 रूपये पर होती है।

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