ऊँ में है आपको रोग मुक्त रखने की ताकत

अगर आप ऊँ को सिर्फ एक शब्द ही समझ रहे है तो यह आपकी बहुत बड़ी गलती है। आज हम आपको ‘ऊँ’ के उच्चारण के लाभ बताएँगे जिस से आप भी खुद को रोग मुक्त रख सकते है।

अगर आप ‘ऊँ’ को किसी धर्म से जोड़ कर देख रहे है तो यह आपकी बहुत बड़ी गलती है। पुरातन काल में ‘ऊँ’ के उच्चारण से कई रोगों का इलाज किया जाता था। इसका उच्चारण मन को शांती प्रदान करता है।

‘ऊँ’ का इस्तेमाल कई धर्मों में अलग अलग तरह से किया गया है जैसे आमीन, शालोम, ओंकार। ‘ऊँ’ का अर्थ है पूरा ब्रहमांड।

विज्ञानं में भी यह बात साबित हो चुकी है की सिर्फ ’ऊँ’ के उच्चारण से शरीर में एक कम्पन होता है और उस कम्पन से जो ऊर्जा बनती है उस से कई रोग ठीक हो सकते है।

अगर आप ’ऊँ’ के उच्चारण पर ध्यान दें तो इसकी शुरुआत ‘अअअअअ’ से होती है, जिस से आपका तंत्रिका तंत्र स्वस्थ रहता है. इसके बाद ‘ओओओओ’ आता है, जो आपकी छाती और गले के लिए बहुत फ़ायदेमंद है. ‘ममममम’ से हड्डियां और दिमाग को फायदा पहुँचता है।

’ऊँ’ का उच्चारण जितना लम्बा होगा आपके शरीर को उतना फायदा पहुंचेगा।

“ऐसे जानलेवा रोग जो योग से ठीक हो सकते हैं”
“गठिया रोग / जोड़ो का दर्द / अर्थराइटिस के नियंत्रण के कुछ घरेलु उपाय”
“काजू के अद्भुत फायदे”

अगर ये जानकारी आपको अच्छी लगी तो अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें।

अगर आप किसी विषय के विशेषज्ञ हैं और उस विषय पर अच्छे से लिख सकते हैं तो जागरूक पर जरुर शेयर करें। आप अपने लिखे हुए लेख को info@jagruk.in पर भेज सकते हैं। आपके लेख को आपके नाम, विवरण और फोटो के साथ जागरूक पर प्रकाशित किया जाएगा।
शेयर करें

रोचक जानकारियों के लिए सब्सक्राइब करें

Add a comment