फास्ट फूड वाली इस लाइफस्टाइल में अचानक ऑर्गेनिक फूड का नाम सुनकर आपको थोड़ी हैरानी तो जरूर हुयी होगी और आप जानना चाहते होंगे कि आखिर ये किस तरह का खाना है? क्या ये टेस्टी फूड है या फिर इसका सम्बन्ध हेल्थ से जुड़ा है। इन सारी बातों को जानने के लिए, क्यों ना आज हम ऑर्गेनिक फूड के बारे में ही जानें ताकि आपको एक और हेल्दी जानकारी मिल सके। तो चलिए, आज बात करते हैं ऑर्गेनिक फूड की।

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केमिकल्स से भरपूर खाद्य पदार्थों से बिगड़ती सेहत के बीच एक उम्मीद की किरण की तरह है ऑर्गेनिक फूड जो सुरक्षित आहार से संतुलित जीवन की ओर ले जाता है।

ऑर्गेनिक फूड या कार्बनिक भोजन में किसी भी तरह का आर्टिफिशियल एडिटिव नहीं होता है। इस तरह के खाद्य पदार्थों को तैयार करने के लिए कृत्रिम फर्टिलाइजर, पेस्टिसाइड, जेनेटिकली मॉडिफाइड ऑर्गेनिस्म, सीवर स्लज या रेडिएशन का इस्तेमाल नहीं होता है।

सामान्य तरह के आहार में जहाँ मिलावट की भरमार होती है और मीट, अंडे और दूध जल्दी और ज्यादा मात्रा में प्राप्त करने के लिए जानवरों और मवेशियों को एंटीबायोटिक या ग्रोथ हार्मोन दे दिए जाते हैं वहीं ऑर्गेनिक फूड में ऐसा नहीं किया जाता है।

ऑर्गेनिक फूड इको फ्रेंडली तरीके से उपजाया जाता है जिसमें पेड़ पौधों को बड़ा करने के लिए उनमें विषैले पदार्थ या खतरनाक केमिकल्स नहीं डाले जाते हैं इसलिए इस तरह के खाद्य पदार्थ केमिकल फ्री होने के कारण सेहत के लिए सुरक्षित होते हैं।

इतने फायदों से भरा होने के बावजूद अगर आज ऑर्गेनिक फूड ज्यादा प्रचलन में नहीं आ पाया है तो उसके कुछ कारण हैं-

  • खाद्य पदार्थ उपजने के कठिन तरीके
  • उपज में लगने वाला ज्यादा समय
  • फसल कटाई के बाद की प्रक्रिया
  • आधिकारिक मान्यता मिलने में लगने वाली फीस

इन कारणों से ऑर्गेनिक फूड महंगे हो जाते हैं इसलिए हर वर्ग के लोगों तक अपनी पहुँच नहीं बना पाए हैं लेकिन उम्मीद है कि जल्द ही ऑर्गेनिक फूड हर वर्ग के लोगों तक पहुँच बना सकेगा और सबके लिए पोषण युक्त आहार और संतुलित जीवनशैली बनाना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा।

ऑर्गेनिक फूड खरीदते समय ज़रूर ध्यान दें – ऑर्गेनिक फूड खरीदते समय प्रोडक्ट पर लिखे PLU (price look up) कोड को जरूर देखें। अगर उस पर लिखा पहला नंबर 9 हो तो वो फूड ऑर्गेनिक है।

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