ऑस्टियोपीनिया क्या होता है?

नवम्बर 5, 2018

जिस तरह ऑस्टियोपोरेसिस हड्डियों से जुड़ी एक समस्या है उसी तरह ऑस्टियोपीनिया का सम्बन्ध भी हड्डियों से ही होता है लेकिन ऑस्टियोपीनिया हड्डियों को जो नुकसान पहुंचाता है वो ऑस्टियोपोरेसिस जितना गंभीर नहीं होता है। ऑस्टियोपीनिया होने पर हड्डियों में खनिज की मात्रा काफी कम हो जाती है जिसके कारण हड्डियों की सघनता कम हो जाती है और हड्डियों के टूटने का ख़तरा काफी बढ़ जाता है। इससे महिलाएं तुलनात्मक रूप से ज्यादा प्रभावित होती हैं।

ऑस्टियोपीनिया के लक्षण – इसके कोई लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। हड्डियों के पतला होने यानी उनकी सघनता के कम होने पर भी किसी तरह का दर्द नहीं होता है। कई बार तो हड्डियों में फ्रैक्चर हो जाने का भी पता नहीं लग पाता है क्योंकि फ्रैक्चर के समय भी दर्द का अनुभव नहीं होता है।

ऑस्टियोपीनिया के कारण-

ऑस्टियोपीनिया की सम्भावना को बढ़ाने वाले कारक-

ऑस्टियोपीनिया से बचाव के लिए क्या करें-

ऑस्टियोपीनिया होने पर अक्सर दर्द नहीं होता है इसलिए बहुत से लोग इसके इलाज की जरुरत नहीं समझते हैं जबकि वास्तविकता ये है कि इसका इलाज नहीं करवाने पर शरीर की कई हड्डियां टूटने लगती हैं जिसके कारण गंभीर दर्द होने लगता है और ऑपरेशन की नौबत भी आ सकती है और अगर हिप्स की हड्डी टूट जाए तो असहनीय दर्द होता है जिसे लम्बे समय तक सहना पड़ता है। इससे बेहतर यही है कि इसके इलाज को महत्त्व दिया जाये।

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