पानी का रंग कैसा है?

इस दुनिया में बहुत सी रंगबिरंगी चीज़ें हैं जो हमें आकर्षित करती हैं लेकिन पानी ऐसी जरुरी चीज़ है जिसका कोई रंग ही नहीं होता है। बेरंग होते हुए भी पानी हमारी लाइफ का एक बहुत अहम हिस्सा होता है जिसके बिना जीवन की कल्पना संभव नहीं है। वैसे तो पानी का कोई रंग नहीं होता है लेकिन पानी के लिए ये कहना सही होगा कि ‘जैसा देश वैसा भेष’ क्योंकि पानी जिस चीज़ के साथ मिलता है उसके जैसा ही रंग अपना लेता है। ऐसे में आज जानते हैं पानी के रंग से जुड़ी ख़ास बातें –

पानी जब कम मात्रा में होता है तो बेरंग दिखाई देता है और शुद्ध पानी हल्का नीला होता है लेकिन जब पानी का स्तर बहुत बढ़ जाता है तो ये गहरा नीला दिखने लगता है। पानी नीला दिखने का कारण इसमें मौजूद चयनात्मक अवशोषण का गुण है और सफेद प्रकाश के बिखरने से भी पानी का रंग हमारी आँखों को नीला दिखाई देता है लेकिन जब पानी अशुद्ध होता है तो उसके रंग बदल जाते हैं।

बढ़ते प्रदूषण का सीधा प्रभाव पानी की शुद्धता पर पड़ा है जिसके कारण अब पानी साफ मिलना आसान नहीं रह गया है और इसके कारण पानी में आर्सेनिक, लेड, सेलेनियम, मरकरी और नाइट्रेट जैसे विषैले तत्व मिलते जा रहे हैं जो ना केवल पानी के रंग और स्वाद को बिगाड़ रहे हैं बल्कि हमारी सेहत को भी सीधे प्रभावित कर रहे हैं।

पानी में मिली ये अशुद्धियाँ उसे गन्दा कर देती है और ऐसा पानी पीने और इस्तेमाल करने से हेपेटाइटिस, हैजा, फूड पॉइजनिंग, वायरल इन्फेक्शन जैसी कितनी ही गंभीर बीमारियां होने लगती हैं और पानी में फ्लोराइड, आयरन, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे तत्वों की मात्रा भी सीमा से ज्यादा होने पर पानी में कठोरता बढ़ जाती है और ऐसा पानी पीने से शरीर को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।

“पीने के पानी का टीडीएस कितना होना चाहिए?”