पपीता कब खाना चाहिए?

आइए जानते हैं पपीता खाने के फायदे और पपीता कब खाना चाहिए। हर मौसम में आसानी से मिलने वाला पौष्टिक फल पपीता है जिसे कच्चे, पके और सूखे तीनों ही रुपों में इस्तेमाल किया जाता है। पपीते के पेड़ के फल से लेकर पत्तियों तक में औषधीय गुण मौजूद होते हैं। ये मीठा फल विटामिन ए, विटामिन सी, नियासिन, मैग्नेशियम, पोटैशियम, प्रोटीन, कैरोटीन और नेचुरल फाइबर का बेहतरीन सोर्स है।

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पपीते को खाने का सबसे अच्छा समय सुबह का होता है। इसमें एसिडिक गुण कम होने के कारण सुबह के समय इसे खाने से इसका पाचन आसानी से हो जाता है और इसमें मौजूद पानी की ज्यादा मात्रा और फाइबर की प्रचुरता भी शरीर की मेटाबोलिक रेट को बैलेंस करती है लेकिन सुबह के नाश्ते के साथ पपीते की सीमित मात्रा ही लेनी चाहिए क्योंकि इसमें कैलोरी की मात्रा भी ज्यादा होती है और इसका ज्यादा मात्रा में सेवन करने से साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं इसलिए पपीते की संतुलित मात्रा का सेवन सुबह नाश्ते के साथ करना चाहिए।

इसकी कुछ मात्रा शाम के नाश्ते के समय भी ली जा सकती है लेकिन डिनर के बाद पपीता नहीं खाना चाहिए क्योंकि उस समय इसे पचाना डाइजेस्टिव सिस्टम के लिए भारी पड़ता है।

आइये, अब पपीते से मिलने वाले ढेरों फायदों के बारे में जानते हैं-

  • पपीते में मौजूद पोटैशियम की ज्यादा मात्रा और सोडियम की कम मात्रा हार्ट प्रॉब्लम्स को काफी कम कर देती है।
  • पपीते में मौजूद पपेन एंजाइम पाचन क्रिया को उत्तेजित करने का काम करता है जिससे पाचन बेहतर तरीके से होने लगता है।
  • विटामिन ए, सी और विटामिन ई की उपस्थिति के कारण पपीता आँखों की रोशनी बढ़ाने में सहायक होता है।
  • पपीते में पाए जाने वाले एंटी-इंफ्लेमेटरी एंजाइम गठिया के दर्द में राहत पहुँचाते हैं।
  • पपीता चेहरे से मुहांसों को हटाने, इन्फेक्शन को दूर करने और चमकदार त्वचा पाने में भी काफी फायदेमंद साबित होता है।
  • पपीते में मौजूद लाइकोपीन, बीटा कैरोटीन, बीटा क्रिप्टोक्साथिन कैंसर के ख़तरे को कम करने में सहायक होते हैं।
  • फाइबर से भरपूर ये फल वजन कम करने में भी मदद करता है।
  • पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द को कम करने में भी पपीता सहायक होता है।

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