परिश्रम का महत्त्व

आइये जानते हैं परिश्रम का महत्त्व। प्रत्येक मनुष्य सफल होने का इरादा रखता है लेकिन अगर व्यक्ति परिश्रम से जी चुराता हो तो उसका सफल होना संभव नहीं है क्योंकि मुकाम चाहे छोटा हो या बड़ा, बिना मेहनत के हासिल नहीं किया जा सकता।

ऐसे में आज जानते हैं कि हमारे जीवन में परिश्रम का कितना महत्त्व है।

परिश्रम का महत्त्व 1

परिश्रम का महत्त्व

ये पूरी सृष्टि हर क्षण किसी ना किसी कार्य में संलग्न रहती है, सूरज हर दिन सुबह निकलकर धरती को रोशन करता है, नदियां बहती हैं और पक्षी चहचहाते हैं।

ये सभी कार्य नियमित रूप से रोजाना हुआ करते हैं क्योंकि प्रकृति के हर भाग का अपना एक अलग कार्य होता है जिसे ना करने पर असंतुलन की स्थिति भी बन सकती है इसलिए प्रकृति तो अपना कार्य बखूबी पूरा करती आयी है लेकिन मनुष्य के परिश्रम की बात करे तो इसमें विविधता दिखाई देती है।

बहुत से लोग ऐसे होते हैं जो परिश्रम के महत्त्व को समझते हैं और दिन-रात मेहनत करते हुए जीवनयापन करते हैं जबकि कुछ लोग मेहनत से कतराते हैं और बिना कोई कार्य किये ही सफल होने के ख्वाब देखते रहते हैं। ऐसे लोग किसी मुकाम को हासिल नहीं कर पाते हैं।

भाग्य पर आश्रित रहने की प्रवृत्ति से आलस का जन्म होता है और ये तो आप भी बखूबी जानते हैं कि आलस और परिश्रम एक-दूसरे के विपरीत होते हैं।

हर वर्ग के लिए परिश्रम से ही उन्नति संभव है। विद्यार्थी अगर परिश्रम ना करे तो ज्ञान अर्जित करना और परीक्षा अच्छे अंकों से उत्तीर्ण करना संभव नहीं है। व्यवसायी अगर परिश्रम ना करे तो व्यापार को चलाना, आगे बढ़ाना और मुनाफा कमाना संभव नहीं है। परिश्रम तो जीवनयापन का एक अभिन्न अंग है।

परिश्रम का महत्त्व 2

जिन महापुरुषों के जीवन से हम प्रभावित होते हैं उन महापुरुषों ने भी अपने परिश्रम के दम पर ही ज्ञान अर्जित किया है और जो देश आज आर्थिक रूप से संपन्न नजर आ रहे हैं, उन देशों ने हर स्तर पर कड़ी मेहनत करके ही अपने आप को इतना मजबूत बनाया है कि कोई दुश्मन देश उनकी तरफ आँख उठाने का साहस नहीं कर सकता है।

परिश्रमी व्यक्ति तन और मन से स्वस्थ रहता है और लगातार सफलता की ओर बढ़ता रहता है। ऐसे व्यक्ति को निश्चित रुप से सफलता मिलती है जबकि परिश्रम के बिना ग़लत तरीकों से प्राप्त सफलता कुछ ही दिनों की मेहमान साबित होती है और तन-मन को भी अस्वस्थ करने वाली होती है।

दोस्तों, समय में बदलाव भले ही हुआ हो लेकिन परिश्रम के मायने आज भी वहीं है इसलिए मेहनत करने से कतराने की बजाए डटकर मेहनत करनी चाहिए और आगे बढ़ना चाहिए।

उम्मीद है जागरूक पर परिश्रम का महत्त्व कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी।

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