पसलियों में सूजन आने के कारण, लक्षण और उपचार

पसलियों में सूजन आने को चिकित्सा विज्ञान की भाषा में कॉस्टोकोंड्राइटीस कहा जाता है जिसमें उन जोड़ वाली जगहों पर सूजन आने लगती है जहाँ ऊपरी पसलियाँ उस उपास्थि से जुड़ती हैं जो उन्हें छाती की हड्डी यानि स्टर्नम से जोड़ती है। इसके कारण होने वाला दर्द हार्ट अटैक की स्थिति में होने वाले दर्द जैसा ही महसूस होता है। पसलियों की सूजन कोई गंभीर बीमारी नहीं होती है और शुरुआत में ही इसका पता चल जाने की स्थिति में इसे ठीक होने में 6 सप्ताह तक का समय लगता है लेकिन अगर लम्बे समय तक इसका इलाज नहीं किया जाए तो ये सूजन हमेशा के लिए स्थायी हो सकती है।

पसलियों में सूजन आने के कारण –

  1. पसलियों में सूजन आने के कई कारण हो सकते हैं जैसे शरीर पर लगी हुयी कोई चोट या व्यायाम करते समय झटका लगना।
  2. वायरस, बैक्टीरिया और फंगस से होने वाले इन्फेक्शन से भी पसलियों में सूजन आ सकती है।
  3. लम्बे समय से चलने वाली तेज़ खांसी भी इसका कारण हो सकती है।
  4. आर्थराइटिस और एन्कायलोसिंग स्पोंडिलाईस जैसी बीमारियों में भी पसली में सूजन आ सकती है।

पसलियों में सूजन के लक्षण –

  1. सामान्य स्थिति में पसलियों में सूजन आने से होने वाला दर्द छाती के बायीं तरफ ही होता है लेकिन इस दर्द से छाती के दोनों तरफ के हिस्से भी प्रभावित हो सकते हैं।
  2. छाती में जकड़न महसूस होने लगती है।
  3. पसलियों और छाती की हड्डियों के जोड़ के स्थान पर असहनीय दर्द होने लगता है।
  4. गति करने, हिलने-डुलने और गहरी साँस लेने पर ज़्यादा दर्द होता है।
  5. सूजन से होने वाला ये दर्द भुजा, कंधे, पेट और पीठ तक भी पहुँच सकता है।

उपचार और सावधानियाँ –

  1. पसलियों में सूजन होने की स्थिति में मांसाहार और अल्कोहल का सेवन न करें, साथ ही ज़्यादा तेल मसाले का खाना खाने से भी परहेज़ करें।
  2. विटामिन से भरपूर आहार लेने से सूजन में राहत मिलने लगती है।
  3. कॉस्टोकोंड्राइटीस में हल्के-फुल्के व्यायाम और स्ट्रेचिंग से आराम मिलता है।
  4. ताड़ासन, त्रिकोणासन, धनुरासन और भुजंगासन का धीरे-धीरे अभ्यास करें।
  5. भारी वजन उठाने से बचें।
  6. गर्म जगह पर रहने से सूजन में राहत मिलने लगेगी।
  7. डॉक्टर के पास जाने से पहले सामान्य दर्द निवारक दवा ले सकते हैं लेकिन अगर छाती में लगातार दर्द बना रहे, बाएं हाथ में दर्द रहने लगे, साँस लेने में दिक्कत आये, तेज़ बुखार और पसलियों में लालिमा दिखाई देने लगे तो तुरंत डॉक्टर से इलाज कराये।
  8. छाती का एक्स-रे, ईसीजी और ब्लड टेस्ट द्वारा पसलियों के सूजन या कॉस्टोकोंड्राइटीस का पता लगाया जा सकता है और इसके अनुसार इलाज किया जा सकता है।

पसलियों में सूजन आने का कोई विशेष कारण नहीं होता है इसलिए ये किसी भी उम्र के लोगों में हो सकता है लेकिन युवा वर्ग में जिम और एक्सरसाइज के चलन के कारण उनमें इस रोग की सम्भावना ज़्यादा रहती है इसलिए भारी सामान उठाते समय अपने शरीर का ध्यान रखें और व्यायाम के दौरान शरीर को झटका लगने से बचाये। ऐसा करके आप पसलियों में सूजन आने से रोक सकते हैं और शरीर को स्वस्थ रखते हुए आराम से गहरी सांस ले सकते हैं।

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