पेड़ के पत्‍ते हरे क्यों होते हैं?

नवम्बर 20, 2018

पेड़-पौधे, हरियाली आपको भी अच्छी लगती होगी और अपने चारों तरफ मिलने वाले पेड़ों को देखकर आप ये जरूर सोचा करते होंगे कि इतने सारे रंग होने के बावजूद अक्सर पेड़ के पत्‍ते हरे रंग के ही क्यों होते है। लेकिन इसका कारण जानकर आपको समझ आ जाएगा कि पत्तियों ने अपने लिए हरा रंग की क्यों चुना है। तो चलिए, आज आपको बताते हैं पेड़ के पत्‍ते हरे क्यों होते हैं।

पत्तियों में ऐसे रसायन पाए जाते हैं जो हरे रंग के होते हैं और पत्ती को भी हरा रंग प्रदान कर देते हैं। इन केमिकल्स में सबसे महत्वपूर्ण है क्लोरोफिल, जिसके कारण पत्ती को हरा रंग मिलता है।

क्लोरोफिल की मदद से पत्तियां पानी, हवा और सूर्य के प्रकाश में खाना भी बना पाती हैं। इस प्रक्रिया को प्रकाश संश्लेषण कहा जाता है। इस प्रक्रिया के बिना किसी भी पेड़ का जीवित रहना संभव नहीं है।

अगर आपने कभी गौर से देखा हो तो हर पेड़ की पत्ती का रंग हरा नहीं होता है बल्कि कई पेड़ों के पत्ते बैंगनी या लाल रंग के होते हैं। ऐसा होने का क्या कारण है?

असल में इन पत्तियों में भी हरे रंग का पिगमेंट क्लोरोफिल मौजूद होता है लेकिन इन पत्तियों में लाल और बैंगनी रंग के केमिकल्स पाए जाते हैं और उनकी मात्रा इतनी ज्यादा होती है कि पत्तियों का रंग हरा नहीं दिखाई देता है इसलिए वो पत्तियां हरे रंग की होने की बजाये अलग रंग की होती हैं।

दोस्तों, अब आप जान गए होंगे कि जिस तरह हमारे लिए भोजन का महत्व है उसी तरह पेड़ पौधे भी बिना भोजन के जीवित नहीं रह सकते और उनके द्वारा भोजन बनाने की प्रक्रिया को फोटो सिंथेसिस यानी प्रकाश संश्लेषण कहा जाता है जिसमें क्लोरोफिल वर्णक का विशेष महत्त्व होता है और यही वर्णक पत्तियों को हरा रंग भी प्रदान करता है।

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