पर्सनल एक्सीडेंट प्लान क्या होता है और हमारे लिए क्यों जरुरी है?

हमने अपने पिछले लेख में टर्म प्लान के बारे में जानकारी दी थी। टर्म प्लान में किसी भी तरह की मृत्यु होने पर नॉमिनी को पैसा मिलता है। परन्तु अगर व्यक्ति किसी दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल है या साधारण तौर पर भी घायल हुआ है तो टर्म प्लान में कुछ नहीं मिलता। यहाँ पर ही पर्सनल एक्सीडेंट प्लान की जरूरत महसूस होती है। मतलब टर्म प्लान में मृत्यु होना जरूरी है। (हालांकि टर्म प्लान में कुछ राइडर्स आने लगे हैं जो पर्सनल एक्सीडेंट प्लान में भी क्लेम देने लगे हैं ) पर्सनल एक्सीडेंट प्लान में किसी भी वजह से एक्सीडेंट होने पर अगर दुर्भाग्य से मृत्यु हो जाती है तो नॉमिनी को पूरा पैसा मिल जाता है। मृत्यु नहीं होती परन्तु व्यक्ति पूर्ण रूप से अपंग हो जाता है तब भी नॉमिनी को पूरा पैसा (Sum – Assured) मिल जाता है। अगर एक्सीडेंट की वजह से आंशिक विकलांगता होती है तो आधा Sum – Assured मिल जाता है। निष्कर्ष यह है कि शरीर के हर अंग की कीमत होती है। इसे साधारण तरीके से इस तरह समझ सकते हैं कि Mr. A ने 50 लाख का पर्सनल एक्सीडेंट प्लान लिया। (प्रीमियम बहुत कम लगभग 6000 रूपये वार्षिक होगा – आयु 18 से 70 तक समान रहेगा) तो दुर्घटना में मृत्यु हो जाने की स्थिति में नॉमिनी को पूरा 50 लाख मिल जायेगा।

अगर मृत्यु नहीं हुई परन्तु एक्सीडेंट की वजह से पॉलिसी होल्डर स्थायी रूप से विकलांग हो गया तो भी उसे 50 लाख पूरा मिल जायेगा। (दो आँख, दो कान, दो हाथ, दो पैर, में से काई भी दो अंग पूर्ण भंग होने को स्थायी विकलांग माना जाता है)। अगर कोई एक अंग पूर्णतः भंग हो गया तो आधा Sum Assured मिलेगा।

सबसे खास बात ये है कि अगर पॉलिसी होल्डर किसी एक्सीडेंट की वजह से अपना रूटीन कार्य नहीं कर पा रहा है और रेस्ट पर है तो उसको उसकी मासिक आय के अनुसार साप्ताहिक मुआवजा भी मिलेगा।

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इसके अलावा भी पर्सनल एक्सीडेंट प्लान में कई सारे फायदे होते हैं जैसे – मृत्यु की दशा में उसके आश्रित बच्चों की स्कूली शिक्षा का खर्चा, एक्सीडेंट होने पर इलाज का खर्चा, एम्बुलेंस का खर्चा, डेड बॉडी लाने – ले जाने का खर्चा और विकलांगता के मामले में मकान में किये जाने वाले परिवर्तन का खर्चा इत्यादि।

सबसे खास बात ये है कि 25 लाख का पर्सनल एक्सीडेंट प्लान मात्र एक कप चाय की रोजाना कीमत पर उपलब्ध है। मतलब 25 लाख का पर्सनल एक्सीडेंट प्लान लगभग 7 से 8 रूपये रोज़ाना पर उपलब्ध है।

मित्रों पर्सनल एक्सीडेंट प्लान हर व्यक्ति को ज़रूर लेना चाहिये। अपने घर में हर उस व्यक्ति/बच्चे/कर्मचारी का भी लेना चाहिये जो टू व्हीलर या फॉर व्हीलर चलाते है।

मैं सामान्यतः टर्म प्लान में पर्सनल एक्सीडेंट प्लान के राइडर के मुकाबले पर्सनल एक्सीडेंट पॉलिसी अलग से लेना पसंद करता हूँ क्योंकि अलग से ली गयी पॉलिसी में उपरोक्त वर्णित अन्य खूब सारी विशेषतायें भी सम्मिलित रहती हैं जबकि टर्म प्लान के साथ लिये गये राइडर में केवल मृत्यु या सम्पूर्ण विकलांगता ही सामान्यतः शामिल होती है।

अतः केवल सावधानी ही एक्सीडेंट का बचाव नहीं है बल्कि एक्सीडेंट पॉलिसी वो छतरी है जो बरसात में भीगने से बचाने के साथ-साथ कभी-कभी कीचड में गिरने से भी बचा लेती है या छोटी-मोटी मुसीबतों रूपों कुत्तों को भगाने में सहायक होती है। तो हर व्यक्ति को पर्सनल एक्सीडेंट प्लान लेना चाहिये। अगली बार हम स्वास्थ्य बीमा (Mediclaim Policy) के बारे में चर्चा करेंगें।

sodhani-1 पर्सनल एक्सीडेंट प्लान क्या होता है और हमारे लिए क्यों जरुरी है?ये लेख फाइनेंशियल एडवाइजर श्री राजेश कुमार सोढानी, सोढानी इंवेस्टमेंट्स, जयपुर द्वारा प्रस्तुत है। फाइनेंशियल प्लानिंग पर आधारित ये लेख आपको कैसा लगा? अगर इस लेख से आपको कोई भी मदद मिलती है तो हमें बहुत खुशी होगी। अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे। हमारी शुभकामनाएँ आपके साथ है, हमेशा स्वस्थ रहे और खुश रहे।

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