पीलिया क्या है और कैसे होता है?

नवम्बर 20, 2017

पीलिया एक तरह का ऐसा रोग होता है जिसमें मरीज की ऑंखें और त्वचा पीली पड़ जाती है और शरीर एकदम कमजोर हो जाता है। पीलिया किसी भी उम्र में हो सकता है और अगर इस पर समय रहते ध्यान ना दिया जाए तो ये काफी गंभीर हो सकता है। आइये आज आपको पीलिया से जुडी कुछ ध्यान देने वाली जानकारियां देते हैं जिससे आप जान सकेंगे की पीलिया क्या है, कैसे होता है और इसका इलाज कैसे संभव है।

पीलिया क्या है – हमारे खून में बिलिरुबिन की मात्रा बढ़ जाने के कारण पीलिया की समस्या होती है। दरअसल बिलिरुबिन एक पीले रंग का द्रव्य पदार्थ होता है और इसमें समाहित होता है बिलि। जब हमारे रक्त की लाल रक्त कणिकाओं के 120 दिन का साइकिल पूरा होता है तब बिलिरुबिन का निर्माण होता है। जबकि बिलि एक पाचक तरल पदार्थ होता जो लिवर में बनता है और गॉल ब्लेडर में रहता है। बिलि हमारे शरीर से खाने के अवशोषण और मल को बाहर निकालने में सहायक होता है। अब किसी कारणवश अगर बिलिरुबिन और बिलि का सही मिश्रण नहीं हो पाता या फिर लाल रक्त कणिकाएं समय चक्र से पहले ही टूटने लगती हैं तो हमारे रक्त में बिलिरुबिन का लेवल काफी तेजी से बढ़ने लगता है और ऐसे में ये शरीर के दूसरे अंगों में जाकर उनमें भी पीलापन पैदा करने लगता है जिस कारण हमारी त्वचा पीली दिखाई देने लगती है।

आइये अब जानते हैं पीलिया के क्या क्या लक्षण होते हैं-

पीलिया की जाँच – यूँ तो चिकित्सक रोगी के अंगों के पीलेपन को देखकर ही उसके पीलिया को पहचान लेता है लेकिन फिर भी इस रोग की पुष्टि के लिए ब्लड टेस्ट किया जाता है जिसमे बिलिरुबिन टेस्ट, फुल ब्लड काउंट (एफबीसी) या कम्प्लीट ब्लड काउंट (सीबीसी), हेपेटाइटिस ए, बी और सी के टेस्ट शामिल होते हैं। इसके अलावा अगर चिकित्सक को इसके साथ साथ कोई और समस्या भी होने के संकेत लगते हैं तो वो मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग (एमआरआई) या पेट का अल्ट्रासाउंड या सीएटी स्कैन या लिवर बायोप्सी कराने की सलाह भी देता है जिससे ये पुख्ता किया जा सके की कहीं रोगी के लिवर में सिरोसिस या कैंसर जैसी समस्या तो नहीं हो रही।

पीलिया के कारण – पीलिया का मुख्य कारण होता है लिवर का कमजोर होना। जिन लोगों का लिवर कमजोर होता है उनको पीलिया होने की सम्भावना ज्यादा होती है। यही कारण है की ज्यादातर नवजात शिशु को पीलिया की शिकायत होती है क्योंकि उनका लिवर उस समय बेहद कमजोर होता है। इसके अलावा गन्दा पानी पीने, किसी बीमार व्यक्ति का झूठा खाना खाने, ऐसी चीज़ें खाने से जो लिवर पर बुरा प्रभाव डालती हों, ज्यादा चाय-कॉफ़ी पीने आदि से भी पीलिया होने का खतरा बढ़ता है।

पीलिया से निजात पाने के घरेलू टिप्स-

शरीर की क्षमता को देखते हुए पीलिया की सही जांच और इलाज के लिए अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। हमने यह लेख प्रैक्टिकल अनुभव व जानकारी के आधार पर आपसे साझा किया है। अपनी सूझ-बुझ का इस्तेमाल करे। आपको यह लेख कैसा लगा? अगर इस लेख से आपको कोई भी मदद मिलती है तो हमें बहुत खुशी होगी। अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे। हमारी शुभकामनाएँ आपके साथ है, हमेशा स्वस्थ रहे और खुश रहे।

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