पीलिया क्या है, कैसे होता है और कैसे करें इसका इलाज

पीलिया एक तरह का ऐसा रोग होता है जिसमें मरीज की ऑंखें और त्वचा पीली पड़ जाती है और शरीर एकदम कमजोर हो जाता है। पीलिया किसी भी उम्र में हो सकता है और अगर इस पर समय रहते ध्यान ना दिया जाए तो ये काफी गंभीर हो सकता है। आइये आज आपको पीलिया से जुडी कुछ ध्यान देने वाली जानकारियां देते हैं जिससे आप जान सकेंगे की पीलिया क्या होता है, कैसे होता है और इसका इलाज कैसे संभव है।

पीलिया क्या होता है – हमारे खून में बिलिरुबिन की मात्रा बढ़ जाने के कारण पीलिया की समस्या होती है। दरअसल बिलिरुबिन एक पीले रंग का द्रव्य पदार्थ होता है और इसमें समाहित होता है बिलि। जब हमारे रक्त की लाल रक्त कणिकाओं के 120 दिन का साइकिल पूरा होता है तब बिलिरुबिन का निर्माण होता है। जबकि बिलि एक पाचक तरल पदार्थ होता जो लिवर में बनता है और गॉल ब्लेडर में रहता है। बिलि हमारे शरीर से खाने के अवशोषण और मल को बाहर निकालने में सहायक होता है। अब किसी कारणवश अगर बिलिरुबिन और बिलि का सही मिश्रण नहीं हो पाता या फिर लाल रक्त कणिकाएं समय चक्र से पहले ही टूटने लगती हैं तो हमारे रक्त में बिलिरुबिन का लेवल काफी तेजी से बढ़ने लगता है और ऐसे में ये शरीर के दूसरे अंगों में जाकर उनमें भी पीलापन पैदा करने लगता है जिस कारण हमारी त्वचा पीली दिखाई देने लगती है।

आइये अब जानते हैं पीलिया के क्या क्या लक्षण होते हैं –

  • पीलिया से ग्रसित रोगी की त्वचा, नाखून और आंख में पीलापन दिखाई देने लगता है।
  • पीलिया होने पर रोगी को लिवर में तकलीफ महसूस होती है।
  • पीलिया से ग्रसित रोगी को बुखार होने लगता है।
  • पीलिया रोगी को मतली जैसा लगता है और भूख बहुत कम हो जाती है।
  • पेट में दर्द होने की शिकायत भी होती है।
  • पीलिया की वजह से रोगी का वजन घटने लगता है।
  • शरीर के अंगों की तरह पेशाब में भी पीलापन होने लगता है।
  • शरीर में हमेशा थकावट महसूस होती है।

पीलिया की जाँच – यूँ तो चिकित्सक रोगी के अंगों के पीलेपन को देखकर ही उसके पीलिया को पहचान लेता है लेकिन फिर भी इस रोग की पुष्टि के लिए ब्लड टेस्ट किया जाता है जिसमे बिलिरुबिन टेस्ट, फुल ब्लड काउंट (एफबीसी) या कम्प्लीट ब्लड काउंट (सीबीसी), हेपेटाइटिस ए, बी और सी के टेस्ट शामिल होते हैं। इसके अलावा अगर चिकित्सक को इसके साथ साथ कोई और समस्या भी होने के संकेत लगते हैं तो वो मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग (एमआरआई) या पेट का अल्ट्रासाउंड या सीएटी स्कैन या लिवर बायोप्सी कराने की सलाह भी देता है जिससे ये पुख्ता किया जा सके की कहीं रोगी के लिवर में सिरोसिस या कैंसर जैसी समस्या तो नहीं हो रही।

पीलिया के कारण – पीलिया का मुख्य कारण होता है लिवर का कमजोर होना। जिन लोगों का लिवर कमजोर होता है उनको पीलिया होने की सम्भावना ज्यादा होती है। यही कारण है की ज्यादातर नवजात शिशु को पीलिया की शिकायत होती है क्योंकि उनका लिवर उस समय बेहद कमजोर होता है। इसके अलावा गन्दा पानी पीने, किसी बीमार व्यक्ति का झूठा खाना खाने, ऐसी चीज़ें खाने से जो लिवर पर बुरा प्रभाव डालती हों, ज्यादा चाय-कॉफ़ी पीने आदि से भी पीलिया होने का खतरा बढ़ता है।

पीलिया से निजात पाने के घरेलू टिप्स –

  • पीलिया दूर करने में अरंड के पत्तों का रस बेहद कारगर है। पीलिया होने पर अरंड के पत्तों को पीसकर उसका रस निकाल लें और
  • सुबह खाली पेट 3-4 चम्मच नियमित पियें, पीलिया में काफी आराम महसूस होगा।
  • योग हर मर्ज का इलाज है, अगर आपको पीलिया हो गया है तो प्रतिदिन 15-30 मिनट तक कपालभाति योग करें इससे आपके
  • शरीर में ऊर्जा पैदा होगी और पीलिया में राहत मिलेगी।
  • आंक (आंकड़ा) के पौधे की जड़ के आधा ग्राम पाउडर का सेवन रोज सुबह खाली पेट करें इससे पीलिया जल्द ठीक होगा।
  • पीलिया रोगी को गन्ने का रस पीने की सलाह दी जाती है क्योंकि गन्ने के रस का सेवन करने से लिवर मजबूत होता है।
  • पीलिया में नारियल पानी भी बेहद फायदेमंद होता है, पीलिया होने पर दिन में कम से कम 3-4 नारियल पानी जरूर पियें।
  • पीलिया हो जाने पर जितना हो सके पानी जरूर पियें।
  • पीलिया होने पर 3-4 लहसुन की कली को दूध के साथ लें इससे पीलिया में जल्द आराम आएगा।
  • पीलिया हो जाने पर रोगी को लौकी का सेवन करना चाहिए चाहे जूस से रूप में या चाहे सब्जी के रूप में।

शरीर की क्षमता को देखते हुए पीलिया की सही जांच और इलाज के लिए अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। किसी भी परिस्थिति में डॉक्टर से अच्छा कोई मार्गदर्शक नहीं होता क्योंकि आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है। हमने यह लेख प्रैक्टिकल अनुभव व जानकारी के आधार पर आपसे साझा किया है। अपनी सूझ-बुझ का इस्तेमाल करे। आपको यह लेख कैसा लगा? अगर इस लेख से आपको कोई भी मदद मिलती है तो हमें बहुत खुशी होगी। अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे। हमारी शुभकामनाएँ आपके साथ है, हमेशा स्वस्थ रहे और खुश रहे।

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