प्लास्टिक सर्जरी क्या होती है और कैसे की जाती है?

प्लास्टिक सर्जरी के बारे में आपने भी कहीं ना कहीं ज़रूर सुना होगा और शायद आप भी ये सोचते होंगे कि इस सर्जरी में प्लास्टिक का इस्तेमाल करके शरीर को सुन्दर बनाया जाता है लेकिन असल में प्लास्टिक सर्जरी में ऐसा नहीं होता है। प्लास्टिक ग्रीक शब्द “प्लास्टिको” से बना है और ग्रीक में प्लास्टिको का अर्थ होता है – तैयार करना या बनाना।

इसकी शुरुआत दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान हुयी, जब घायल सैनिकों को ठीक करने के लिए हैराल्ड गिलीज ने इस सर्जरी की शुरुआत की। प्लास्टिक सर्जरी का आविष्कार करके उन्होंने मेडिकल साइंस के इतिहास में कीर्तिमान स्थापित कर दिया। प्लास्टिक सर्जरी के जरिये शरीर के किसी हिस्से के ऊतकों को लेकर दूसरे हिस्से से जोड़ा जाता है।

सर्जरी के इस रूप ने ऐसे लोगों की ज़िन्दगी को बेहतर बनाने में मदद की है, जिनका कोई अंग किसी एक्सीडेंट में क्षतिग्रस्त हो गया हो और ऐसे लोग जो आग या तेजाब से घायल हो गए हों। ऐसे लोगों की मदद के लिए इजात की गयी प्लास्टिक सर्जरी का दायरा समय के साथ-साथ बढ़ता चला गया।

चीन और साउथ कोरिया जैसे देश प्लास्टिक सर्जरी में काफी आगे हैं और आज सुन्दर दिखने के लिए इस सर्जरी का सहारा लेने वालों में भारत भी पीछे नहीं रहा है। प्लास्टिक सर्जरी करवाने के लिए 18 साल से ज़्यादा उम्र का होना ज़रूरी होता है।

कैसे होती है प्लास्टिक सर्जरी
प्लास्टिक सर्जरी के ज़रिये किसी क्षतिग्रस्त अंग को ठीक करने या किसी अंग को सुन्दर बनाने के लिए जांघों के पास की स्किन को निकाला जाता है और उस अंग पर लगाया जाता है जिसका इलाज किया जाना हो या जिसे सुन्दर बनाया जाना हो। इस विधि को ‘स्किन ग्राफ्टिंग’ कहते हैं।

आजकल प्लास्टिक सर्जरी का एडवांस ट्रीटमेंट भी ट्रेंड में हैं जिसमें किसी तरह का ऑपरेशन नहीं करना पड़ता है और सिर्फ इंजेक्शन के जरिये सिलिकॉन को शरीर के उस भाग में इंजेक्ट कर दिया जाता है।

भले ही सुनने में प्लास्टिक सर्जरी एक आसान सी प्रक्रिया लगे, लेकिन ये सर्जरी काफी महँगी होती है और सस्ती सर्जरी करवाने का विचार शरीर के किसी अंग को ख़राब भी कर सकता है और अयोग्य डॉक्टर के ज़रिये ये सर्जरी करवाकर अपने लिए मुश्किलें बढ़ाई जा सकती हैं क्योंकि प्लास्टिक सर्जरी करवाने के बाद अगर चेहरा या शरीर का कोई अंग ख़राब हो जाए तो डॉक्टर के ख़िलाफ कार्रवाई करने का भी कोई विकल्प नहीं होता है।

इसके अलावा प्लास्टिक सर्जरी करवाते समय बहुत सावधानी और सूझ की जरुरत होती है। साथ ही आपका शरीर भी इस प्रक्रिया से गुजरने के लिए तैयार होना चाहिए क्योंकि इस सर्जरी के बाद शरीर में खून की भारी कमी, उस अंग को नुकसान और नर्व डैमेज होने जैसे साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं इसलिए ये सर्जरी करवाने का निर्णय लेने से पहले इसकी जरुरत, अपने शरीर की सही स्थिति के साथ-साथ एक बड़ा बजट और विश्वसनीय डॉक्टर का होना बेहद ज़रूरी है।

अगर आप भी इस तरह की सर्जरी करवाने का कोई इरादा बना रहे हों तो जोश में आकर कोई फैसला ना लें बल्कि सोच-समझकर ही इस प्लास्टिक सर्जरी की ओर अपने कदम बढ़ाएं क्योंकि दुर्घटना से शरीर को उबारने में ये सर्जरी वरदान है लेकिन सुंदरता की होड़ में इसे अपनाने पर ये अभिशाप का रूप भी ले सकती है।

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“एंजियोप्लास्टी सर्जरी क्या होती है?”

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