प्रोस्टेट क्या है?

हो सकता है कि आपने प्रोस्टेट ग्लैंड और प्रोस्टेट कैंसर के बारे में बहुत सुना हो और आप इस बारे में जानकारी भी लेना चाहते हों ताकि इससे बचाव किया जा सके। ऐसे में जागरूक पर आज आपको बताते हैं प्रोस्टेट क्या है और प्रोस्टेट ग्लैंड से जुड़ी जरुरी बातें। प्रोस्टेट शरीर में पायी जाने वाली एक ग्रंथि होती है जिसे पौरुष ग्रंथि भी कहा जाता है क्योंकि ये ग्रंथि केवल पुरुषों में पायी जाती है। इस ग्रंथि का कार्य स्खलन के दौरान स्पर्म्स को ले जाना होता है। ये मूत्र मार्ग के चारों ओर स्थित होती है।

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जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, प्रोस्टेट ग्रंथि के ऊतकों में कई ग्रंथियां विकसित होनी शुरू हो जाती है जिससे इस ग्रंथि का आकार बढ़ने लगता है और ये क्रिया तब समस्या बन जाती है जब इस ग्रंथि के बड़े आकार के कारण मूत्रमार्ग पर दबाव पड़ने लगता है। एक बढ़े हुए प्रोस्टेट को BPH (Benign prostatic hyperplasia) कहा जाता है।

आइये, अब प्रोस्टेट ग्रंथि बढ़ने के लक्षणों को जानते हैं-

  • एक दिन में बहुत बार यूरिन पास करना (आठ बार से भी ज्यादा)
  • यूरिन पास करने की इतनी तेज इच्छा होना कि मूत्र को रोकना संभव ना हो सके
  • यूरिन पास करने की शुरुआत में तकलीफ होना
  • यूरिन पास करने के बाद बून्द-बून्द करके यूरिन का टपकना
  • नींद के दौरान भी बार-बार यूरिन पास करने जाना
  • यूरिन की गंध और रंग सामान्य ना रहना
  • यूरिन पास करने के बाद दर्द होना

प्रोस्टेट ग्रंथि बढ़ने के कारण-

उम्र बढ़ने के साथ प्रोस्टेट ग्रंथि का आकार बढ़ने लगता है और 80 साल की उम्र तक आते-आते लगभग हर पुरुष को बीपीएच सिंड्रोम हो जाता है।

हार्मोनों के प्रभाव के चलते भी प्रोस्टेट ग्रंथि का आकार बढ़ने लगता है क्योंकि उम्र बढ़ने के साथ मेल हार्मोन की मात्रा कम होने से इस ग्रंथि के ज्यादा विकसित होने की सम्भावना काफी बढ़ जाती है।

आनुवंशिक कारणों से भी प्रोस्टेट का आकार बढ़ सकता है। परिवार में किसी को प्रोस्टेट या वृषण सम्बन्धी कोई समस्या होने पर इसका ख़तरा काफी बढ़ जाता है।

सक्रिय जीवनशैली ना होना यानी नियमित व्यायाम ना करना भी प्रोस्टेट ग्रंथि के आकार को बढ़ा सकता है।

ब्लड सर्कुलेशन सम्बन्धी समस्या, हृदय रोग, टाइप 2 डायबिटीज और मोटापे की स्थिति में प्रोस्टेट ग्रंथि के बढ़ने की सम्भावना काफी बढ़ जाती है।

स्तंभन दोष होने की स्थिति में भी प्रोस्टेट बढ़ने का ख़तरा ज्यादा बढ़ जाता है।

प्रोस्टेट की जाँच – प्रोस्टेट ग्रंथि की जाँच के लिए शुरुआत में कई तरह के टेस्ट किये जा सकते हैं जैसे-

  • डिजिटल रेक्टल टेस्ट
  • ब्लड टेस्ट
  • यूरिन टेस्ट
  • प्रोस्टेट स्पेसिफिक एंटीजन ब्लड टेस्ट

इन जांचों के बाद प्रोस्टेट ग्रंथि के बढ़े हुए आकार की पुष्टि करने के लिए भी कुछ टेस्ट किये जा सकते हैं जैसे-

  • यूरिनरी फ्लो टेस्ट
  • पोस्टवोइड रेसिडुअल वॉल्यूम टेस्ट

इन जांचों के बाद अगर स्थिति ज्यादा गंभीर नजर आये तो डॉक्टर ट्रांसरेक्टल अल्ट्रासाउंड / प्रोस्टेट बायोप्सी या सिस्टोस्कोपी का सुझाव दे सकते हैं।

प्रोस्टेट ग्रंथि के आकार को बढ़ने से रोकने के लिए क्या करें-

पुरुषों का तनावग्रस्त रहना इस ग्रंथि के आकार को बढ़ाने का कारण बन सकता है और तनाव की स्थिति में पुरुष बहुत ज्यादा बार यूरिन पास करते हैं। इससे बचने के लिए नियमित रूप से किया गया व्यायाम और ध्यान सहायक हो सकते हैं।

यूरिन पास करते समय जल्दबाजी करने की बजाये, थोड़ा ज्यादा समय लें ताकि मूत्राशय को पूरा खाली किया जा सके और बार-बार टॉयलेट में जाना भी कम हो सके।

किसी भी तरह की दवाएं लेने की स्थिति में, डॉक्टर को इस बारे में सूचित जरूर करें ताकि प्रोस्टेट सम्बन्धी इलाज शुरू करते समय डॉक्टर उन दवाओं के प्रभाव को संतुलित कर सके।

शाम के समय तरल पदार्थों का सेवन कम करने की कोशिश करें, खासकर कैफीनयुक्त और अल्कोहल युक्त पेय पदार्थ क्योंकि इस तरह के पेय पदार्थ मूत्राशय की मांसपेशियों को प्रभावित करते हैं और किडनी को ज्यादा यूरिन बनाने के लिए प्रेरित करते हैं। ऐसा होने पर रात को बहुत बार यूरिन पास करने की समस्या आती है।

रोजाना हेल्दी डाइट लेकर भी इस रोग से बचाव किया जा सकता है।

बढ़ी हुयी प्रोस्टेट ग्रंथि का इलाज करने के लिए दवाओं का इस्तेमाल भी किया जा सकता है और सर्जरी का विकल्प भी लिया जा सकता है। उपचार का तरीका प्रोस्टेट की स्थिति पर निर्भर करेगा।

दोस्तों, प्रोस्टेट क्या है और प्रोस्टेट ग्रंथि से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां अब आपके पास है इसलिए इस समस्या से बचाव के लिए पूरी तरह सतर्क रहिये और किसी भी तरह के लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से मिलने में बिलकुल संकोच मत करिये।

उम्मीद है प्रोस्टेट क्या है कि ये जानकारी आपके लिए मददगार साबित हुयी होगी और आपको पसंद भी आयी होगी।

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