शरीर में प्रोटीन की कमी बताते हैं ये लक्षण

नवम्बर 28, 2017

शरीर में प्रोटीन का आवश्यकता से कम मात्रा में पाया जाना कई बीमारियों को बुलावा देता है। शरीर में प्रोटीन की कमी होने से एंटीबॉडीज का निर्माण नहीं हो पाता जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है और पाचक एन्ज़ाइम्स की कमी हो जाने से पाचन क्रिया भी प्रभावित होती है। बालों का पतला होना, नाखूनों का कमज़ोर हो जाना और बार-बार भूख लगने जैसे कई लक्षण दिखाई देते हैं जिन्हें पहचानकर शरीर में प्रोटीन की कमी का पता लगाया जा सकता है। तो चलिए, आज जानते हैं शरीर में प्रोटीन की कमी से दिखाई देने वाले लक्षणों के बारे में-

थकान और मूड स्विंग की समस्या – प्रोटीन की कमी होने से शरीर में ऊर्जा का स्तर कम रहता है और ब्लड शुगर भी कम हो जाती है जिससे मूड स्विंग होने लगता है। शारीरिक और मानसिक तनाव रहने लगता है, किसी कार्य में मन नहीं लगता और एकाग्रता बनाये रखना आसान नहीं होता।

जल्दी-जल्दी बीमार पड़ना – प्रोटीन की कमी होने से सफ़ेद रक्त कोशिकाओं की संख्या में कमी आ जाती है। सफ़ेद रक्त कोशिकाएं रोगाणुओं के आक्रमण से शरीर की रक्षा करती है और इन कोशिकाओं की कमी हो जाने से शरीर जल्दी-जल्दी बीमार पड़ने लगता है।

वजन बढ़ना – वजन बढ़ने के ढेरों कारणों में से एक कारण प्रोटीन की कमी भी हो सकता है क्योंकि प्रोटीन चयापचय को बढ़ाता है जिससे वजन कम होता है और वजन बढ़ने का अर्थ है कार्बोहाइड्रेट्स की ज़्यादा मात्रा और प्रोटीन की कम मात्रा का सेवन।

नींद ना आना – प्रोटीन की कमी का एक लक्षण नींद नहीं आना भी है और रात में नींद टूट जाने का कारण भी प्रोटीन की कमी हो सकता है क्योंकि शरीर शुगर और कार्बोहाइड्रेट्स की मांग करता है जिसके कारण दिमाग आराम नहीं कर पाता और नींद टूट जाती है।

जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द – जोड़ों को लचीला बनाने और मांसपेशियों का पुर्ननिर्माण करने वाला फ्लूइड प्रोटीन से बनता है लेकिन अगर प्रोटीन की कमी हो तो ये फ्लूइड कम बनने लगता है जिससे जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द रहने लगता है।

जंक फूड ज़्यादा खाना – अगर आपका मन कोल्ड ड्रिंक्स, चॉकलेट और जंक फूड बार-बार खाने का करता है तो इसका कारण प्रोटीन की कमी भी हो सकता है क्योंकि शरीर में प्रोटीन की कमी होने पर हमारा मन ऐसे अनहेल्दी खाने की तरफ भागता है जिसमें शुगर ज़्यादा हो।

दिमाग कमज़ोर होना – दिमाग और प्रोटीन का भी ख़ास सम्बन्ध होता है। मस्तिष्क के न्यूरॉन्स, न्यूरोट्रांसमीटर्स, केमिकल रिसेप्टर्स प्रोटीन से ही बने होते हैं और जब शरीर में प्रोटीन की कमी हो जाती है तो दिमाग धीरे काम करने लगता है।

अब आप जान चुके हैं कि शरीर के लिए प्रोटीन कितना ज़रूरी होता है। पाचन हो या दिमाग की क्षमता, अच्छी नींद की बात हो या फिट रहना हो, इन सबके लिए प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा का सेवन अनिवार्य है इसलिए अपने आहार को अन्य पोषक तत्वों के साथ-साथ प्रोटीन से भी समृद्ध बनाइये और इस प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत प्रोटीन की कमी दूर करने में जुट जाइये ताकि आपका हर दिन चुस्त दुरुस्त और खुशनुमा रह सके।

हमने यह लेख प्रैक्टिकल अनुभव व जानकारी के आधार पर आपसे साझा किया है। अपनी सूझ-बुझ का इस्तेमाल करे। आपको यह लेख कैसा लगा? अगर इस लेख से आपको कोई भी मदद मिलती है तो हमें बहुत खुशी होगी। अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे। हमारी शुभकामनाएँ आपके साथ है, हमेशा स्वस्थ रहे और खुश रहे।

“फाइबर की कमी दूर करने के आसान घरेलू उपाय”

अगर आप हिन्दी भाषा से प्रेम करते हैं और ये जानकारी आपको ज्ञानवर्धक लगी तो जरूर शेयर करें।
शेयर करें