सोरायसिस क्या है?

सितम्बर 29, 2018

सोरायसिस क्या है? सोरायसिस (छाल रोग) एक त्वचा रोग है जो संक्रामक नहीं है लेकिन आनुवंशिक है। इस रोग मे ज़्यादातर त्वचा पर लाल चकते पड़ जाते है जिसके कारण त्वचा मे जलन और खुजली होती है। इसकी शुरुआत त्वचा मे रूखापन और छोटे छोटे दानो के रूप मे होती है जा बाद मे बड़े चकते का रूप ले लेती है। बार-बार होने वाले इस रोग में त्वचा कमजोर और जख्मी हो जाती है। ये रोग शरीर के एक हिस्से से शुरू होकर धीरे-धीरे फैलता जाता है। आमतौर पर सोरायसिस कोहनी, घुटनों और कमर जैसी जगहों पर होता है।

सोरायसिस होने का कारण क्या है?

आनुवंशिकी – यह एक आनुवंशिक रोग है जो पीढ़ी दर पीढ़ी बढ़ सकता है यानी अगर माता-पिता में से किसी एक को ये रोग है तो बच्चे में ये रोग होने की सम्भावना 15% रहती है जबकि माता-पिता दोनों में ये रोग होने पर बच्चों में ये रोग होने की सम्भावना 60% हो जाती है।

प्रतिरक्षा तंत्र में गड़बड़ी – हमारा प्रतिरक्षा तंत्र शरीर की सुरक्षा का काम करता है लेकिन जब प्रतिरक्षा तंत्र में कोई गड़बड़ी हो जाती है तो ऐसी नयी कोशिकाओं का तेजी से निर्माण होना शुरू हो जाता है जिससे बनी त्वचा इतनी कमजोर होती है कि पूरी बनने से पहले ही ख़राब हो जाती है और लाल दानों और चकत्तों के रूप में दिखाई देने लगती है।

इन्फेक्शन – वायरल या बैक्टीरियल इन्फेक्शन भी कई बार इस रोग का कारण बनता है।

असंतुलित आहार और तनाव – पोषण रहित खाना खाने से भी इस रोग का ख़तरा बढ़ जाता है। इसके अलावा तनाव और मानसिक विकार होने, शराब और धूम्रपान जैसी आदतों से भी सोरायसिस बढ़ सकता है।

सोरायसिस के लक्षण-

सोरायसिस से बचाव कैसे करें-

“सेब का सिरका के फायदे”

अगर आप हिन्दी भाषा से प्रेम करते हैं और ये जानकारी आपको ज्ञानवर्धक लगी तो जरूर शेयर करें।
शेयर करें