हो सकता है कि किसी कंपनी में जॉब के लिए अप्लाई करने पर आपने साइकोमेट्रिक टेस्ट दिया हो या आगे जॉब के लिए अप्लाई करने के दौरान आपको ऐसा करना होगा। ऐसे में ये जान लेना बेहतर होगा कि साइकोमेट्रिक टेस्ट क्या होता है। तो चलिए, आज जानते हैं इस टेस्ट के बारे में।

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सायकोमेट्रिक टेस्ट या एप्टीट्यूड टेस्ट के ज़रिये उम्मीदवार के काम के सम्बन्ध में व्यवहार की जांच की जाती है और उम्मीदवार के उस नौकरी से जुड़े मनोविज्ञान को समझा जाता है। इसमें एक कर्मचारी की सोचने-समझने की क्षमता, टीम के रूप में काम करने की योग्यता और उम्मीदवार की निजी वरीयता का आकलन करते हैं।

आज हर बिजनेस कड़ी प्रतियोगिता से गुजरता है। ऐसे में हर कंपनी चाहती है कि उसके कर्मचारी ऐसे हो जो कंपनी के हित और मुनाफे की समझ रखते हो और खुद के फायदे से पहले कंपनी का मुनाफा सोचते हों। इसके अलावा हर कंपनी आज ऐसे कर्मचारी रखना पसंद करती है जो ऊर्जावान हो और सकारात्मक सोच रखते हों। ऐसे में उम्मीदवार में ये गुण है या नहीं, ये जानने के लिए ही साइकोमेट्रिक टेस्ट लिया जाता है ताकि उम्मीदवार के सोचने के तरीके और समझ को जानकर ये पता लगाया जा सके कि वो उम्मीदवार उस कंपनी का कर्मचारी बनने योग्य है या नहीं।

इस टेस्ट में उम्मीदवार को कुछ सवाल और कुछ तस्वीरें दी जाती हैं। सवालों के जवाब देने होते हैं और तस्वीरों को देखकर उनके बारे में लिखना होता है। इसके बाद मनोविश्लेषक खुद भी उम्मीदवार से सवाल-जवाब करते हैं। ये सायको टेस्ट उम्मीदवार के मानसिक स्तर को जानने का पैमाना होता है इसलिए यहाँ उम्मीदवार का ज्ञान और टैलेंट ज़्यादा महत्व नहीं रखता।

इस टेस्ट में सफल होने के लिए उम्मीदवार का आत्मकेंद्रित होना ज़रूरी है, इसके अलावा स्पष्ट नजरिया और कम समय में अपनी बात कहने जैसे गुणों का होना भी आवश्यक है। सवालों के जवाब देते समय विवेक का इस्तेमाल करना बहुत ज़रूरी है। मनोविश्लेषक से सवाल-जवाब के दौरान उम्मीदवार कोई बात छुपाता है या झूठ बोलता है तो इसका विपरीत प्रभाव पड़ता है।

दोस्तों, इस टेस्ट में दिए गए जवाब ही उम्मीदवार की प्राथमिकताओं, दिलचस्पी और प्रेरणा के बारे में जानकारी देते हैं जिसके आधार पर कंपनी के लिए ये जानना आसान हो जाता है कि उस कंपनी की जरूरतों पर ये उम्मीदवार ख़रा उतरा है या नहीं और जो उम्मीदवार उस कंपनी की जरूरतों को पूरा करने के योग्य निकलता है उसे कर्मचारी के रूप में नियुक्त कर लिया जाता है।

ऐसे में आपके लिए ये ज़रूरी है कि इस तरह के टेस्ट के लिए आप पूरी तरह तैयार रहें और इससे जुड़ी जरुरी जानकारी प्राप्त कर लें क्योंकि ऐसा करने पर ही आप अपनी पसंदीदा नौकरी पा सकेंगे।

“क्या है ब्रेन मैपिंग टेस्ट और कैसे किया जाता है?”