आइये जानते हैं पल्स रेट कितनी होनी चाहिए। नब्ज या पल्स का सम्बन्ध स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है। पल्स रेट से पता चलता है कि दिल एक मिनट में कितनी बार धड़कता है। जब दिल धड़कता है तो पल्स में प्रेशर बनता है जिससे पल्स या नब्ज फड़कती है।

इसे महसूस करके या इसकी गिनती करके एक मिनट में दिल के धड़कने की दर का पता लगाया जाता है। हर व्यक्ति के लिए ये पल्स रेट अलग अलग हो सकती है और आराम के समय पल्स रेट कम होती है जबकि एक्सरसाइज के समय बहुत तेज़ हो जाती है।

पल्स रेट नॉर्मल होने का अर्थ व्यक्ति का पूरी तरह स्वस्थ होना नहीं होता है बल्कि ये केवल एक हेल्थ इंडिकेटर होता है जो सेहत की सामान्य जानकारी देता है। पल्स देखने की सही जगह होती हैं – कलाई, कोहनी के अंदर की तरफ, गले की साइड में और पंजे के ऊपरी तरफ।

पल्स रेट कितनी होनी चाहिए? 1

उम्र के अनुसार पल्स रेट कितनी होनी चाहिए

  • 1 महीने तक – 70 से 190
  • 1 से 11 महीने तक – 80 से 160
  • 1 से 2 साल – 80 से 130
  • 3 से 4 साल – 80 से 120
  • 5 से 6 साल – 75 से 115
  • 7 से 9 साल – 70 से 110
  • 10 साल से अधिक – 60 से 100

पल्स रेट ज्यादा हो जाने पर क्या करें

  • तनाव और चिंता से दूर रहें
  • चॉकलेट, चाय और कॉफी से दूर रहें
  • तम्बाकू पदार्थों के सेवन से बचें
  • शराब से दूर रहें

पल्स रेट कम हो जाने पर क्या करें

नब्ज कम होना किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है जिसका इलाज करवाना जरुरी है लेकिन कई मामलों में धीरे चलने वाली नब्ज अच्छे स्वास्थ्य का संकेत भी देती है।

जैसे एथलीट की नब्ज धीमे चलती है क्योंकि उनका दिल स्वस्थ और मजबूत होता है इसलिए उसे ब्लड पंप करने के लिए ज्यादा मेहनत करने की जरुरत नहीं पड़ती।

कमजोरी, थकान, चक्कर आना और बेहोश होने जैसे लक्षण भी पल्स रेट कम होने पर दिख सकते हैं इसलिए डॉक्टर से परामर्श लिया जाना चाहिए।

उम्मीद है पल्स रेट कितनी होनी चाहिए कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी।

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