रात की रानी के फूल रात में ही क्यों खिलते हैं?

फूल किसे पसंद नहीं होते हैं। फूलों का रंग ही इतना मोहक होता है और साथ में अगर फूलों में से सुगंध भी आये तो क्या कहने! प्रकृति की इस खूबसूरती के बहुत से नज़ारे हमारे आसपास होते हैं जिनमें से कुछ दिन के उजाले में अपनी चमक बिखेरते हैं तो कुछ रात के अँधेरे में अपनी मोहक सुगंध फैलाते हैं जैसे रात की रानी के फूल। रात की रानी के फूल केवल रात में ही खिला करते हैं और इसका कारण जानना आपके लिए रोचक हो सकता है इसलिए आज आपको बताते हैं रात की रानी के फूलों के बारे में।

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रात की रानी (Cestrum nocturnum) सोलेनेसी कुल का एक पादप है। ये दक्षिण एशिया और वेस्टइंडीज का देशज पौधा है। इस पौधे में रात के समय बहुत खुशबूदार फूल खिलते हैं जिनकी खुशबू बहुत दूर तक जाती है।

रात की रानी के फूल पूर्णिमा के दिन पूरी तरह खिल जाते हैं और इनकी सुगंध भी बढ़ जाती है और अमावस्या के दिन फूल नहीं खिलते हैं। इसके छोटे-छोटे फूल गुच्छे में आते हैं जो रात में खिलते हैं और सुबह सिकुड़ जाते हैं।

असल में रात में खिलने वाले फूलों की खुशबू बहुत मोहक होती है और इस सुगंध से रात में क्रियाशील जीव जैसे पतंगें इन फूलों की तरफ आकर्षित होते हैं। जब ये कीड़े इन फूलों पर बैठते हैं तो परागकण इनके पंखों से चिपक जाते हैं और इन कीड़ों के जरिये ये परागकण दूसरे फूलों तक पहुँच जाते हैं। इस तरह रातरानी के ये खुशबूदार फूल कीड़ों के जरिये पराग-सेचन की क्रिया में सहायक बनते हैं।

ये फूल सूर्य के प्रकाश को सहन नहीं कर सकते हैं इसलिए रात के समय ही खिला करते हैं। इन फूलों का रंग बहुत चमकीला भी नहीं होता है क्योंकि चमकीले रंग रात के अँधेरे में आसानी से दिखाई नहीं देते हैं इसलिए रात में खिलने वाले ज्यादातर फूलों का रंग सफेद ही होता है।

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