क्या है रियलिटी शो की रियलिटी?

आजकल टीवी पर रियलिटी शोज का बड़ा क्रेज है हर किसी चैनल पर कोई न कोई रियलिटी शो आता है और दर्शक भी इन्हें देखना पसंद करते हैं। इन रियलिटी शोज में काफी रोमांच और मसाला होता है जिसे दर्शक देखना पसंद करते हैं। लेकिन क्या वाकई में रियलिटी शो के नाम पर वास्तविकता दिखाई जाती है या ये सिर्फ सोची समझी प्लानिंग होती है? कई बार ये सवाल भी खड़े होते हैं की रियलिटी शोज में कितनी सच्चाई और क्या ये स्क्रिप्टेड होते हैं? आइये एक नजर डालते हैं रियलिटी शोज में कितना सच है और कितना झूठ।

दरअसल ऐसा नहीं है की रियलिटी शो में सच्चाई का कोई वास्ता नहीं होता लेकिन इसके पीछे एक सच ये भी है की चैनल वाले और इन शो वालों का मकसद सिर्फ पैसा कमाना होता है इसके लिए वो शो में फूहड़ता और आक्रामकता बढ़ा चढ़ा कर दिखाते हैं। सिंगिंग और डांसिंग शोज में कई बार ऐसी ख़बरें सामने आई हैं जब जज प्रतिभागी को बुरे प्रदर्शन पर कड़ी डांट लगाते हैं और इससे उनके दिल दिमाग और शरीर पर बुरा प्रभाव पड़ता है और कई प्रतिभागी पर तो ऐसा प्रभाव पड़ता है की उन्हें अस्पताल तक में भर्ती होने की नौबत आ जाती है। लेकिन इसके पीछे ये सवाल खड़ा होता है की प्रतिभागियों का आत्मविश्वास बढ़ाने की बजाये जज उन्हें इस कदर बेइज्जत क्यों करते हैं क्या उन्हें ये पहले से सिखाया जाता है या ये सब स्क्रिप्टेड होता है?

हर शो का अपना एक अलग फॉर्मेट होता है ऐसा ही एक रियलिटी शो भारत में बहुत पॉपुलर है जिसका नाम है बिग बॉस। बिग बॉस में भी कई महीनों तक कई लोग एक साथ रहते हैं जिनका उस दौरान बाहरी दुनिया से कोई संपर्क नहीं होता। इस तरह के शो का मकसद होता है ज्यादा से ज्यादा कॉन्ट्रोवर्सी क्रिएट करना और अभद्रता दिखाना जिससे दर्शकों का क्रेज बना रहे। लेकिन ऐसे शोज पर भी कई बार सवाल खड़े होते हैं की क्या ये लोग निजी जिंदगी में भी ऐसे ही बर्ताव करते हैं या यहाँ इन्हें ऐसे व्यवहार और कॉन्ट्रोवर्सी के लिए पैसे दिए जाते हैं या पहले से सिखाया जाता है?

कई बार देखा गया है की बिग बॉस में कई सेलेब्रिटीज़ के अफेयर हुए हैं लेकिन शो पूरा होने के बाद निजी जिंदगी में ये एक दुसरे से अलग हो जाते हैं। ऐसे में ये संदेह पैदा होता है की इन्हें सिर्फ शो की टीआरपी बढ़ाने के लिए ऐसा करने को कहा जाता है जो शो ख़त्म होने के बाद देखने को नहीं मिलता। ऐसे शोज में कई बार तो सेलेब्रिटीज़ की शादी तक करा दी जाती है ताकि लोगों का इस शो को देखने में क्रेज बना रहे लेकिन इसके पीछे के सच को हमेशा नजरअंदाज किया जाता है।

बिग बॉस के एक सीजन में ये भी आरोप लगे थे की एक कपल को शो पर शादी करने के लिए 50 लाख रुपय ऑफर किये गए थे। अगर इन शोज में सब रियल दिखाया जाता है तो बाहर आने पर ये कपल साथ क्यों नहीं रहते और एक दूसरे से अलग क्यों हो जाते हैं क्या ऐसे शोज की पॉपुलैरिटी के लिए झूठी जोड़ियां बनाई जाती है? आजकल कॉमेडी शो भी काफी पसंद किये जाते हैं लेकिन कई कॉमेडी शो ऐसे हैं जिनमें भद्दा मजाक परोसा जाता है जिसे हम पूरे परिवार के साथ बैठकर नहीं देख सकते। ये सिर्फ टीआरपी और शो को फेमस बनाने के लिए किया जाता है।

लेकिन सोचने वाली बात ये है की दर्शक ही ऐसे रियलिटी शोज को बढ़ावा देते हैं और ऐसे में समाज और युवाओं पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और वो इससे विदेशी संस्कृति की और आकर्षित होते हैं और अपने निजी जीवन में अपनाते हैं। दरअसल देखा जाये तो भारत में दिखाए जाने वाले ज्यादातर रियलिटी शोज विदेशी रियलिटी शोज की नक़ल कर बनाये जाते हैं जो की हमारे समाज के लिए सही नहीं है। टीवी पर दिखाए जाने वाले ऐसे रियलिटी शोज की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा होता है और इनकी जाँच होनी चाहिए और कई मामलों में इनके फॉर्मेट में बदलाव लाना चाहिए।

रियलिटी दिखाना और प्रतिभा को आगे बढ़ाना कोई बुरी बात नहीं है लेकिन रियलिटी के नाम पर अभद्रता फैलाना और आक्रामकता दिखाना समाज में गंदगी फ़ैलाने को बढ़ावा देना है जिन पर प्रतिबन्ध लगना बेहद आवश्यक है। इस बारे में आपकी क्या राय है हमसे जरूर शेयर करें और अगर आपको भी लगता है की रियलिटी शोज के नाम पर झूठ दिखाया जा रहा है तो इसके खिलाफ आवाज उठायें और सभी को जागरूक बनायें ताकि आज की युवा पीढ़ी इसके दुष्प्रभावों से बच सके।

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