हम अपनी आंखें क्यों झपकाते हैं ?

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यह बात तो एक आम प्रक्रिया है कि एक इंसान अपनी आंखो को बार-बार झपकाता है और यह प्रक्रिया इतनी तेज होती है कि इस को एक्सप्लेन नहीं किया जा सकता। लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि ऐसा क्यों होता है ? तो चलिए आज हम आपको इस बारे में विस्तारपूर्वक बताते हैं।

आपको बता दें कि सेकंड के दसवें हिस्से से भी कम में हम अपनी आंख को एक बार झपका लेते हैं। हर इंसान 1 मिनट में 20 से 25 बार अपनी आंखों को झपकाता है जिसके अगर कैलकुलेट किया जाये तो यह हमारे पूरे दिन के समय का 10% समय हैं।

आपको बता दें कि हमारी आंख के अंदर Tear Glands होता है जो कि हमारी आंख के कोने में होता है जो हमेशा आंसुओं का निर्माण करता रहता है और इन्हीं आंसुओं के निर्माण को व्यवस्थित करने के लिए हमारी आंखें बार बार झपकती हैं।

अगर आप अपनी आंखें नहीं झपकाएंगे तो आपकी आंखें आंसुओं से भर जाएँगी जिसकी वजह से आपको देखने में काफी तकलीफ हो सकती है। अगर असाधारण भाषा में समझाया जाए तो यह एक तरीके के वाइपर है जो कि आपकी आंखों के लेंस पर आंसू को आने से रोकते हैं।

जब भी आप अपनी आंखों को झपकाते हैं तो आपकी आंखों में जमा आंसू जैसा तरल पदार्थ व्यवस्थित हो जाता है और आपको देखने में कोई परेशानी नहीं होती है। कई बार आपने यह देखा होगा जब भी हम किसी रोशनी वाली चीज की तरफ देखते हैं तो हमारी आंख में आंसू आने लगते हैं और तुरंत हमें ऐसा महसूस होता है कि आंखों को झपका लेना चाहिए आंखें झपकाते ही यह आंसू कम हो जाते हैं और यही कारण है कि हम दिन में बार बार आंखों को झपकाते हैं और यह एक स्वस्थ आंख वाले व्यक्ति की निशानी भी है।

आंखों को झपकाना हमारी आंख को ड्राई होने से भी बचाता है। हम आशा करते हैं यह जानकारी आपके लिए रोचक सिद्ध हुई होगी और आप इसे अपने मित्रों के साथ अवश्य शेयर करेंगे।

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