रोग प्रतिरोधक क्षमता क्या है?

अप्रैल 7, 2018

अक्सर आपने सुना होगा कि इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए खानपान पर ध्यान देना चाहिए और अच्छी लाइफस्टाइल को अपनाना चाहिए और हो सकता है कि इससे प्रभावित होकर आपने भी अपनी इम्यूनिटी को बढ़ाने के प्रयास तेज़ कर दिए हो लेकिन इस इम्यूनिटी यानि रोग प्रतिरोधक क्षमता के बारे में ज़्यादा जानकारी लेने के इच्छुक आप भी ज़रूर होंगे ताकि इम्यूनिटी को बेहतर तरीके से समझा जा सके जिसका फायदा हमारे शरीर को मिल सके। ऐसे में क्यों ना आज, इसी बारे में बात करें। तो चलिए, आज जानते हैं इम्यूनिटी यानि रोग प्रतिरोधक क्षमता के बारे में-

हमारे आसपास के वातावरण में बहुत से बैक्टीरिया और वायरस मौजूद होते हैं जो सांस के साथ हमारे शरीर के अंदर जाते हैं लेकिन ये सभी सूक्ष्मजीव हमें नुकसान नहीं पहुंचा पाते हैं क्योंकि हमारे शरीर में मौजूद प्रतिरक्षा तंत्र इनसे हमारी सुरक्षा करता है।

अगर आपके शरीर का प्रतिरक्षा तंत्र मजबूत है तो आप जल्दी-जल्दी बीमार नहीं होंगे लेकिन किसी कारण से आपका ये तंत्र अगर कमज़ोर हो गया है तो आये दिन बीमार होने की समस्या से आपको जूझना पड़ेगा क्योंकि बाहरी कीटाणुओं की ताकत जब हमारे इम्यून सिस्टम की ताकत से कहीं ज़्यादा होती है तो ये रोग प्रतिरोधक तंत्र इन कीटाणुओं से लड़ने और इन्हें हराने में कामयाब नहीं हो पाता। इसी कारण बार-बार बीमारी आसानी से हमारे शरीर में प्रवेश कर जाती है।

खांसी-जुकाम जैसे छोटे रोग से लेकर एड्स जैसी गंभीर बीमारी का कारण वायरल और बैक्टीरियल इन्फेक्शन ही होते हैं और ऐसे हर छोटे-बड़े इन्फेक्शन से शरीर की रक्षा करने का काम इम्यून सिस्टम करता है जो हमारी इम्यूनिटी को बढ़ाकर हर तरह के रोग को हमारे शरीर से दूर रखता है और हमें निरोगी बनाये रखता है।

अब आप ये तो जान ही गए हैं कि इम्यूनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता का मजबूत होना कितना ज़रूरी होता है इसलिए अब इम्यूनिटी को बढ़ाने की ओर ध्यान देना भी बेहद ज़रूरी है। इसके लिए तनावमुक्त स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की जरूरत है जिसमें संतुलित आहार के साथ व्यायाम को भी शामिल किया जाए। आहार में लहसुन, अलसी, हरी सब्जियां, फल, हल्दी, मिर्च, सूखे मेवे, दही, दालचीनी, मशरूम, ब्रॉक्ली, अंजीर और ग्रीन टी जैसी चीज़ों को शामिल करना ज़रूरी है।

दोस्तों, अब आप जान चुके हैं कि रोग प्रतिरोधक क्षमता क्या होती है और ये किस तरह हमारे शरीर की सुरक्षा करती है। इसके अलावा अब आप ये भी जानते हैं कि स्वस्थ और तनावमुक्त जीवनशैली इस क्षमता को बढ़ाकर हमें स्वस्थ बनाये रख सकती है इसलिए स्वस्थ रहने के इस आसान से उपाय को अपनाइये और निरोगी बने रहिये।

आपको यह लेख कैसा लगा? अगर इस लेख से आपको कोई भी मदद मिलती है तो हमें बहुत खुशी होगी। अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे। हमारी शुभकामनाएँ आपके साथ है, हमेशा स्वस्थ रहे और खुश रहे।

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