सफल व्यक्तियों की अनमोल आदतें

262

हम सभी अपने जीवन में सफलता पाना चाहते हैं और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सभी मनुष्यों में समान संभावनाएं भी विद्यमान हैं फिर भी हमें आस-पास देखने से लगता है कि सफल लोग सागर में बूँद के समान हैं तो फिर प्रश्न उठता है की ऐसा क्यों है ? जाहिर है उत्तर सफल और असफल व्यक्ति के कृतित्व में ही छिपा हो सकता है ।

यहाँ हम सफल व्यक्तियों की उन आदतों को जानेंगे जो उन्हें सफल बनाती हैं और असफल व्यक्तियों से अलग करती हैं :-

निश्चित उद्देश्य :- हम सभी ने महाभारत की एक कहानी सुनी होगी जिसमे द्रोणाचार्य अपने शिष्यों यानि पांडवों और कौरवों से एक पक्षी की आँख पर निशाना लगाने को कहते हैं और सबसे पूछते हैं कि उन्हें क्या दिख रहा है तो सब अलग अलग उत्तर देते हैं, पर अर्जुन कहते हैं कि उन्हें चिड़िया की आँख दिख रही है और परिणामस्वरूप सिर्फ अर्जुन ही सटीक निशाना लगा पाते हैं। ये कहानी भले ही पुरानी हो गयी हो फिर भी आज सफलता के सम्बन्ध में उतनी ही प्रासंगिक है।

बहुत से लोग सिर्फ इसलिए सफल नही हो पाते क्योंकि वे निर्णय ही नही कर पाते कि उन्हें क्या करना है और क्या नहीं करना। प्रसिद्ध लेखक और पत्रकार नेपोलियन हिल अपनी पुस्तक “Think and Grow Rich” में लिखते हैं कि “इस दुनिया में अधिकांश लोग बहुत सफल हो सकते हैं अगर वे सिर्फ इतना तय कर लें कि उन्हें कितनी सफलता चाहिए और किस कीमत पर वे इस सफलता को हासिल करना चाहते हैं”।

आत्मविश्वास और सकारात्मक दृष्टिकोण :- उद्देश्य निश्चित होने के बाद उसे पाने के लिए खुद पर भरोसा और सकारात्मक सोच दूसरी बुनियादी चीज़ है, क्योंकि बिना आत्मविश्वास और सकारात्मक दृष्टिकोण के आप कोई भी उद्देश्य कभी भी प्राप्त नहीं कर सकते। ये आत्मविश्वास और सकरात्मकता ही विपरीत परिस्थतियों में आपको उद्देश्य प्राप्ति के मार्ग में सहायक सिद्ध होती है।

प्रेरणास्पद माहौल और संगति :– प्रेरणास्पद वातावरण और ऐसे दोस्त एवं परिजन आदि आवश्यक हैं जो आपकी हौसलाअफजाई करते रहें, इससे उद्देश्य प्राप्ति के मार्ग से हम भटकते नही। महाभारत के युद्ध के दौरान कर्ण की हार के अनेक कारणों में से एक उनका सारथी शैल भी था जो कर्ण को लगातार हतोत्साहित कर रहा था और दूसरी ओर अर्जुन के सारथी कृष्ण थे जो लगातार अर्जुन का उत्साहवर्धन कर रहे थे ।

दृढ़ता :- दृढनिश्चयी होना भी एक महत्वपूर्ण आदत है क्योंकि अक्सर उद्देश्य प्राप्ति के मार्ग में बहुत सी दिक्कतें आती हैं।

निर्णय लेने की क्षमता :- निर्णय लेने की क्षमता किसी भी उद्देश्य की प्राप्ति हेतु एक आधारभूत शर्त है क्योंकि अक्सर मार्ग में निर्णय लेने के पल आते रहते हैं अगर उसमे हम अक्षम साबित हुए तो सफलता बहुत दूर चली जाती है।

आत्मनियंत्रण :- खुद पर नियंत्रण भी एक महत्वपूर्ण आदत है क्योंकि अक्सर हम उद्देश्य प्राप्ति के पथ पर कभी बहुत ज्यादा उत्साहित तो कभी बहुत ज्यादा निराश हो जाते हैं और उसी के अनुरूप ही हमारी मानसिक स्थिति हमे भटका सकती है।

पूर्वाग्रह से मुक्ति और व्यापक दृष्टिकोण :- ये भी एक महत्वपूर्ण पहलू है जो लोगों को सफल बनाता है। लकीर के फकीर बने रहने से अक्सर सफलता हाथ से फिसल जाती है। सफल लोग व्यापक सोच वाले होते हैं जो उन्हें सफलता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है ।

निश्चित योजना और दोषमुक्त कार्यपद्धति :- किसी भी उद्देश्य को हासिल करने के लिए एक निश्चित योजना और उस पर अमल करने की एक दोषमुक्त कार्यप्रणाली अत्यंत आवश्यक है बिना इसके उद्देश्य प्राप्ति कठिन है।

गलतियों से सीख :- हम इन्सान हैं इसलिए गलतियाँ होना स्वाभाविक है पर सफल व्यक्ति उनसे सीख लेते हुए आगे बढ़ते हैं जो उद्देश्य प्राप्ति में अहम् भूमिका निभाते हैं ।

बहानेबाजी और दोषारोपण से दूरी :- सफल व्यक्ति असफलता के लिए न कोई बहानेबाजी करते हैं न दूसरे व्यक्ति या परिस्थितयों पर दोष मढ़ते हैं वे खुद को इसके लिए जिम्मेवार मानते हैं और उसका कारण ढूँढकर उसका समाधान करने की कोशिश करते हैं ।

“जीवन में सफल इंसान बनने के लिए सुबह उठकर जरूर करें ये 5 काम”
“हर मुकाम पर सफल होंगे अगर जान ली ये बातें”
“5 बहाने जो आपको सफल होने से रोकते हैं”

Add a comment